हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम (Hai Nam Re Sabse Bada Tera Nam)

काल के पंजे से माता बचाओ,

जय माँ अष्ट भवानी,

काल के पंजे से माता बचाओ,

जय माँ अष्ट भवानी ।


हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम,

ओ शेरोवाली,

ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम ॥


ऐसा कठिन पल,

ऐसे घडी है,

विपदा आन पड़ी है,

तू ही दिखा अब रास्ता,

ये दुनिया रस्ता रोके खड़ी है,

मेरा जीवन बना इक संग्राम,

ओ शेरोवाली,

ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम ॥


हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम,

ओ शेरोवाली,

ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम ॥


भक्तों को दुष्टों से छुड़ाए,

बुझती जोत जगाए,

जिसका नहीं है कोई जगत में,

तू उसकी बन जाए,

तीनो लोक करे तोहे प्रणाम,

ओ शेरोवाली,

ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम ॥


हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम,

ओ शेरोवाली,

ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम ॥


तू ही लेने वाली माता,

तू ही देने वाली,

तेरी जय जयकार करूँ मैं,

भारदे झोली खाली,

काम सफल हो मेरा,

दे ऐसा वरदान,

तेरे बल से हो जाये,

निर्बल भी बलवान ।

बिच भँवर मे डौल रही है,

पार लगा दे नैय्या,

जय जगदम्बे अष्टभवानी,

अम्बे गौरी मैय्या,

किसकी बलि चढ़ाउ तुझपे,

तू प्रसन्न हो जाए ।

दुश्मन थर-थर काँपे माँ,

जब तू गुस्से में आये ॥


काल के पंजे से माता बचाओ,

जय माँ अष्ट भवानी,

काल के पंजे से माता बचाओ,

जय माँ अष्ट भवानी ।


हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम,

ओ शेरोवाली,

ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम ॥

........................................................................................................
भज मन, राधे, राधे, गोविंदा (Bhaj Man Radhe Govinda)

भज मन, राधे, (राधे) राधे, (राधे) राधे गोविंदा
राधे, (राधे) राधे, (राधे) राधे गोविंदा

मां दुर्गा के पवित्र मंत्र

मार्गशीर्ष माह की दुर्गाष्टमी का दिन मां दुर्गा की आराधना और भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस साल मार्गशीर्ष दुर्गाष्टमी 8 दिसंबर 2024, रविवार को पड़ रही है।

वैशाख कृष्ण बरूथिनी नाम एकादशी (Veshakh Krishn Barothini Naam Ekadashi)

भगवान् कृष्ण ने कहा- हे पाण्डुनन्दन ! अब मैं तुम्हें बरूथिनी एकादशी व्रत का माहात्म्य सुनाता हूँ सुनिये।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने