है सहारा अब मुझे तो, राम सकल गुणधाम का (Hai Sahara Ab Mujhe To Ram Sakal Gundham Ka)

हो के नाचूं अब दिवाना,

मैं प्रभु श्रीराम का,

है सहारा अब मुझे तो,

राम सकल गुणधाम का,

है सहारा अब मुझें तो,

राम सकल गुणधाम का ॥


कुटिया को पावन कर डाली,

शबरी के घर जाय के,

धन्य शबरी को कर डाली,

बैर झूठे खाय के,

अपने घर प्रभू को बुलाया,

नाम जप कर राम का,

है सहारा अब मुझें तो,

राम सकल गुणधाम का ॥


तारी जैसे गौतम नारी,

एक ठोकर मार के,

मेरी भी किस्मत जगादो,

एक ठोकर मार के,

एक वर दे दो प्रभू जी,

मुझको भक्ति दान का,

है सहारा अब मुझें तो,

राम सकल गुणधाम का ॥


तुमने लाखों को है तारा,

मुझपे भी कर दो दया,

मैं हूं एक बालक छोटा सा,

शरण तुम्हारी आ गया,

‘शिव’ के घट में भी जलादो,

एक दीपक ज्ञान का,

है सहारा अब मुझें तो,

राम सकल गुणधाम का ॥


हो के नाचूं अब दिवाना,

मैं प्रभु श्रीराम का,

है सहारा अब मुझे तो,

राम सकल गुणधाम का,

है सहारा अब मुझें तो,

राम सकल गुणधाम का ॥

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दुनियाँ रचने वाले को भगवान कहते हैं(Duniya Rachne Wale Ko Bhagwan Kehte Hain)

दुनियाँ रचने वाले को भगवान कहते हैं,<,br> और संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं।

मंत्र क्या होते हैं

शास्त्रकार कहते हैं “मननात् त्रायते इति मंत्रः” अर्थात मनन करने पर जो त्राण दे या रक्षा करे वही मंत्र होता है। धर्म, कर्म और मोक्ष की प्राप्ति हेतु प्रेरणा देने वाली शक्ति को मंत्र कहते हैं।

नर्मदा जयंती कब है

हिंदू धर्म में प्रकृति को विशेष महत्व दिया जाता है। इसमें, वृक्षों से लेकर पशु-पक्षियों तक को पूजनीय माना जाता है। नदियां को भारतीय संस्कृति में पवित्र और पूजनीय माना गया है।

जब अयोध्या में जन्म, लिया राम ने(Jab Ayodhya Mein Janm Liya Ram Ne)

जब अयोध्या में जन्म,
लिया राम ने ॥

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