कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ (Kailash Ke Nivasi Namo Bar Bar Hoon)

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,

आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,

भगतो को कभी शिव ने निराश न किया,

माँगा जिसे चाहा वही वरदान दे दियां,

बड़ा है तेरा दायरा बड़ा दातार तू,

आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,


बखान क्या करू मैं रखो की ढेर का,

चुटकी कबूत में है खजाना कुबेर का,

हे गंगा धार मुक्ति धार ओम कार तू,

आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,


क्या क्या नहीं दिया है ये हम प्रमाण है,

तेरी किरपा के आसरे सारा जहां है,

ज़हर पिया जीवन दिया कितना उधार तू ,

आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,


तेरी किरपा बिना न हिले इक भी अड़हु,

लेते है सांस तेरी दया से तनु तनु,

करदे ठाठ इक वार मुझको निहार तू,

आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,


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साथी हारे का तू, मुझको भी श्याम जीता दे(Sathi Hare Ka Tu Mujhko Bhi Shyam Jeeta De)

साथी हारे का तू,
मुझको भी श्याम जीता दे,

शिवलिंग की सबसे पहले किसने की थी पूजा?

महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का एक महापर्व है। इस दिन को भगवान शिव की कृपा के लिए सबसे खास माना जाता है। महाशिवरात्रि को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं और कथाएं जुड़ी हुई हैं।

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कल्पतरु पुन्यातामा,
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राम सीता और लखन वन जा रहे - भजन (Ram Sita Aur Lakhan Van Ja Rahe)

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