कर प्रणाम तेरे चरणों में - प्रार्थना (Kar Pranam Tere Charno Me: Morning Prarthana)

प्रातःकाल की प्रार्थना

कर प्रणाम तेरे चरणों में लगता हूं अब तेरे काज ।

पालन करने को आज्ञा तब मैं नियुक्त होता हूं आज ॥


अन्तर में स्थित रह मेरी बागडोर पकड़े रहना ।

निपट निरंकुश चंचल मन को सावधान करते रहना ॥


अन्तर्यामी को अन्तः स्थित देख सशंकित होवे मन ।

पाप वासना उठते ही हो, नाश लाज से वह जल भुन ॥


जीवों का कलरव जो दिन भर सुनने में मेरे आवे ।

तेरा ही गुनमान जान मन प्रमुदित हो अति सुख पावे ॥


तू ही है सर्वत्र व्याप्त हरि ! तुझमें यह सारा संसार ।

इसी भावना से अन्तर भर मिलूं सभी से तुझे निहार ॥


प्रतिपल निज इन्द्रिय समूह से जो कुछ भी आचार करूं ।

केवल तुझे रिझाने, को बस तेरा ही व्यवहार करूं ॥


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बालाजी म्हारा कष्ट निवारो जी: भजन (Balaji Mhara Kasht Niwaro Ji)

बालाजी म्हारा कष्ट निवारो जी,
दुखड़ा का मारया हाँ,

राम नाम के दीवाने, पूजे जिनको दुनिया माने(Ram Naam Ke Deewane Puje Jinko Duniya Mane)

राम नाम के दीवाने,
पूजे जिनको दुनिया माने,

सात्विक मंत्र क्या है?

हिंदू धर्म और सनातन परंपरा में मंत्रों का विशेष महत्व है। इनके उच्चारण से ना सिर्फ आध्यात्मिक उन्नति होती है। बल्कि, यह मानसिक और शारीरिक शांति भी प्रदान करता है।

राघवजी तुम्हें ऐसा किसने बनाया(Raghav Ji Tumhe Aisa Kisne Banaya)

ऐसा सुंदर स्वभाव कहाँ पाया,
राघवजी तुम्हें ऐसा किसने बनाया ।

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