माँ अंजनी के लाल, थोड़ा ध्यान दीजिये(Maa Anjani Ke Lal Thoda Dhyan Dijiye)

माँ अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये,

दे ध्यान दीन दास का,

कल्याण कीजिये,

मां अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये ॥


रहते सदा आप है,

राम नाम में मगन,

कहते लगी है आपको,

श्री राम की लगन,

हमको भी भाव भक्ति का,

वरदान दीजिये,

दे ध्यान दीन दास का,

कल्याण कीजिये,

मां अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये ॥


पैरो में बांध घुँघरू,

करताल हाथ ले,

कीर्तन में आप नाचते,

भक्तो को साथ ले,

हमको एक बार,

अपने साथ लीजिये,

दे ध्यान दीन दास का,

कल्याण कीजिये,

मां अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये ॥


सेवा करूँगा आप का,

गुणगान करूँगा,

मैं आप के आराध्य का भी,

ध्यान धरूंगा,

‘नंदू’ करूँ भजन हमें,

स्वर ताल दीजिये,

दे ध्यान दीन दास का,

कल्याण कीजिये,

मां अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये ॥


माँ अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये,

दे ध्यान दीन दास का,

कल्याण कीजिये,

मां अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये ॥

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जिसको राम नाम रटना पसन्द है (Jisko Ram Naam Ratna Pasand Hai)

जिसको राम नाम रटना पसन्द है,
उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद है ॥

मार्च में 7 तारीख के बाद नहींं होंगे मांगलिक कार्य

होलिका दहन से पहले 8 दिन होलाष्टक तिथि लगती है जिसमें कोई मांगलिक कार्य नहीं होता है। पुराणिक कथाओं के अनुसार माना जाता है कि यह समय भक्त प्रह्लाद पर किए गए अत्याचारों को दर्शाता है।

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् - अयि गिरिनन्दिनि , Mahishasuramardini Stotram - Aayi Girinandini

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते
गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते ।

दीपावली पूजन विधि

भगवती महालक्ष्मी चल एवं अचल, दृश्य एवं अदृश्य सभी सम्पत्तियों, सिद्धियों एवं निधियों की अधिष्ठात्री साक्षात् नारायणी हैं।

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