माँ अंजनी के लाल, थोड़ा ध्यान दीजिये(Maa Anjani Ke Lal Thoda Dhyan Dijiye)

माँ अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये,

दे ध्यान दीन दास का,

कल्याण कीजिये,

मां अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये ॥


रहते सदा आप है,

राम नाम में मगन,

कहते लगी है आपको,

श्री राम की लगन,

हमको भी भाव भक्ति का,

वरदान दीजिये,

दे ध्यान दीन दास का,

कल्याण कीजिये,

मां अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये ॥


पैरो में बांध घुँघरू,

करताल हाथ ले,

कीर्तन में आप नाचते,

भक्तो को साथ ले,

हमको एक बार,

अपने साथ लीजिये,

दे ध्यान दीन दास का,

कल्याण कीजिये,

मां अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये ॥


सेवा करूँगा आप का,

गुणगान करूँगा,

मैं आप के आराध्य का भी,

ध्यान धरूंगा,

‘नंदू’ करूँ भजन हमें,

स्वर ताल दीजिये,

दे ध्यान दीन दास का,

कल्याण कीजिये,

मां अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये ॥


माँ अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये,

दे ध्यान दीन दास का,

कल्याण कीजिये,

मां अंजनी के लाल,

थोड़ा ध्यान दीजिये ॥

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डम डम डम डमरू वाला, शिव मेरा भोला भाला (Dam Dam Dam Damru Wala Shiv Mera Bhola Bhala)

डम डम डम डमरू वाला,
शिव मेरा भोला भाला,

शबरी जंयती की पूजा विधि

शबरी जयंती सनातन धर्म में महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। हर साल माता शबरी के जन्मोत्सव के रूप में शबरी जयंती मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, शबरी जयंती फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है।

बस इतनी तमन्ना है, श्याम तुम्हे देखूं (Bas Itni Tamanna Hai Shyam Tumhe Dekhun)

बस इतनी तमन्ना है,
बस इतनी तमन्ना है,

Skanda Sashti 2024: स्कंद षष्ठी व्रत, कथा और इसका पौराणिक महत्व

Skanda Sashti 2024: भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि की शुरुआत 08 सितंबर को रात 07 बजकर 58 मिनट पर होगी। वहीं इस तिथि का समापन 09 सितंबर को रात 09 बजकर 53 मिनट पर होगा। ऐसे में स्कंद षष्ठी का पर्व 09 सितंबर को मनाया जाएगा।

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