माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो(Maa Ho To Aisi Ho Aisi Ho)

हाँ माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो

ऐसी हो काली मैय्यां तेरे जैसी हो

हाँ माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो

अरे ऐसी हो काली मैय्यां तेरे जैसी हो

महाकाली मैय्यां तेरे जैसी हो

महाकाली मैय्यां तेरे जैसी हो

अद्भुत हैं रूप तेरा शक्ति अपार

परिहार भ्र्म भी पाए न पार

सुनले पुकार मेरी नैय्यान मजधार

कर बेडा पार तेरा बड़ा उपकार


हाँ अद्भुत हैं रूप तेरा शक्ति अपार

परिहार भ्र्म भी पाए न पार

सुनले पुकार मेरी नैय्यान मजधार

कर बेडा पार तेरा बड़ा उपकार

सूरत हैं न्यारी सबसे तू प्यारी

जाए हम वारि तेरी बलिहारी

रक्त बालहरिणी रक्त पुश धारिणी

कष्ठ-निवारिणी मंगल कारिणी


माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो

ऐसी हो काली मैय्यां तेरे जैसी हो

हाँ माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो

ऐसी हो काली मैय्यां तेरे जैसी हो

महाकाली मैय्यां तेरे जैसी हो

महाकाली मैय्यां तेरे जैसी हो


चरणों में तेरे माँ दे दे शरण

दर्शन के प्यासे हैं ये दो नयन

गाये भजन करे तेरा सुमिरन

करे दिन रात माइयाँ तेरा किर्तन


हाँ चरणों में तेरे माँ दे दे शरण

दर्शन के प्यासे हैं ये दो नयन

गाये भजन करे तेरा सुमिरन

करे दिन रात माइयाँ तेरा किर्तन

मन्नत सभी की पूरी तू करती

आये तेरे द्वार जो भी नर नारी

माइयाँ तू दयालु है माइयाँ तू कृपाली है

तू हैं दुःख हरनी तू सुख करनी


माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो

अरे ऐसी हो काली मैय्यां तेरे जैसी हो

हाँ माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो

ऐसी हो काली मैय्यां तेरे जैसी हो

महाकाली मैय्यां तेरे जैसी हो

महाकाली मैय्यां तेरे जैसी हो

महाकाली मैय्यां तेरे जैसी हो

महाकाली मैय्यां तेरे जैसी हो

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बिगड़ी मेरी बना जा, ओ शेरोवाली माँ (Bigdi Meri Bana Ja O Sheronwali Maa)

बिगड़ी मेरी बना जा,
ओ शेरोवाली माँ,

माँ अंजनी के लाल, कलयुग कर दियो निहाल(Maa Anjani Ke Lal Kalyug Kar Diyo Nihaal)

माँ अंजनी के लाल,
कलयुग कर दियो निहाल,

साल का सबसे शुभ दिन कार्तिक पूर्णिमा

हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का दिन अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। इस दिन का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है और इसे पूजा, पाठ और दान के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है।

माघ गुप्त नवरात्रि की पूजन विधि

माघ और आषाढ़ नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। 2025 की पहली गुप्त नवरात्रि माघ महीने में 30 जनवरी से श्रवण नक्षत्र और जयद योग में प्रारंभ होगी।

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