नंगे नंगे पाँव चल आ गया री(Nange Nange Paon Chal Aagaya Ri)

नंगे नंगे पाँव चल आगया री माँ,

इक तेरा पुजारी ॥


तेरा पुजारी मैया, तेरा पुजारी,

नंगे नंगे पाँव चल आगया री माँ,

इक तेरा पुजारी ॥


हाथों में लेकर गंगा जल गागर,

हाथों में लेकर गंगा जल गागर,

श्रद्धा से स्नान करा गया री माँ,

इक तेरा पुजारी ॥


नंगे नंगे पाँव चल आगया री माँ,

इक तेरा पुजारी ॥


लाल लाल चोला किनारी गोटे वाला,

लाल लाल चोला किनारी गोटे वाला,

लाल लाल चुनरी ओड़ा गया री माँ,

इक तेरा पुजारी ॥


नंगे नंगे पाँव चल आगया री माँ,

इक तेरा पुजारी ॥


चाँदी की कटोरी में केसर घोल के,

चाँदी की कटोरी में केसर घोल के,

माथे पे तिलक गया री माँ,

इक तेरा पुजारी ॥


नंगे नंगे पाँव चल आगया री माँ,

इक तेरा पुजारी ॥


चंपा चमेली गुलाब जूही गेंदा,

चंपा चमेली गुलाब जूही गेंदा,

पुष्पों की माला पहना गया री माँ,

इक तेरा पुजारी ॥


नंगे नंगे पाँव चल आगया री माँ,

इक तेरा पुजारी ॥


तेरा पुजारी मैया तेरा पुजारी,

नंगे नंगे पाँव चल आ गया री माँ,

इक तेरा पुजारी ॥

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बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे (Baans Ki Basuriya Pe Ghano Itrave)

बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे,
कोई सोना की जो होती,

षटतिला एकादशी पर तिल के उपाय

षटतिला एकादशी माघ महीने में पड़ती है और इस साल यह तिथि 25 जनवरी को है। षटतिला का अर्थ ही छह तिल होता है। इसलिए, इस एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता है।

सोमवार की पूजा विधि

हिंदू धर्म में सोमवार का दिन विशेष महत्व रखता है। इसे "सोमवार" या "सप्तमी" के नाम से जाना जाता है, और यह विशेष रूप से भगवान शिव और चंद्रमा यानी कि सोम से जुड़ा हुआ है।

प्रदोष व्रत पर शिव की पूजा

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा को समर्पित है। इस दिन व्रत और पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।

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