माँ का है जगराता, माँ को आज मनाएंगे(Maa Ka Hai Jagrata Maa Ko Aaj Manayenge)

माँ का है जगराता,

माँ को आज मनाएंगे,

जय माता दी बोल के,

सब जयकारे लाएंगे ॥


दिन आज खुशी का आया है,

माँ का दरबार सजाया है,

माँ के भक्तों माँ की महिमा,

सबको सुनाएंगे,

जय माता दी बोल के,

सब जयकारे लाएंगे ॥


ये वारे न्यारे करती है,

खुशियों से झोली भारती है,

माँ के दर से भक्त झोलियां,

भर ले जाएंगे,

जय माता दी बोल के,

सब जयकारे लाएंगे ॥


भक्तो ने धूम मचाई है,

नच नच के धूल उड़ाई है,

‘खन्ना’ माँ की महिमा गाके,

माँ को रिझाएंगे,

जय माता दी बोल के,

सब जयकारे लाएंगे ॥


माँ का है जगराता,

माँ को आज मनाएंगे,

जय माता दी बोल के,

सब जयकारे लाएंगे ॥

........................................................................................................
मौनी अमावस्या के विशेष उपाय

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। यह दिन हमारे पूर्वजों यानी पितरों को समर्पित होता है। इस दिन पितरों का तर्पण करना, पवित्र नदियों में स्नान करना और दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है। वर्ष 2025 में मौनी अमावस्या 29 जनवरी, बुधवार को पड़ रही है।

सिद्ध-कुञ्जिका स्तोत्रम् (Siddha Kunjika Stotram)

सिद्ध-कुञ्जिका स्तोत्रम् श्रीरूद्रयामल के मन्त्र से सिद्ध है और इसे सिद्ध करने की जरूरत नहीं होती है। इस स्तोत्र को परम कल्याणकारी और चमत्कारी माना जाता है।

लचकि लचकि आवत मोहन (Lachaki Lachaki Awat Mohan)

लचकि लचकि आवत मोहन,
आवे मन भावे

जानकी स्तुति - भइ प्रगट किशोरी (Janaki Stuti - Bhai Pragat Kishori)

भइ प्रगट किशोरी,
धरनि निहोरी,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने