माँ का नाम जपे जा हर पल(Maa Ka Naam Jape Ja Har Pal)

माँ का नाम जपे जा हर पल,

लागे ना कोई मोल रे,

जय माता दी बोल रे तू,

जय माता दी बोल रे ॥


माता रानी की मन्त्र जो जपते,

माँ को लगते प्यारे,

महारानी माँ वैष्णो का तू,

निशदिन ध्यान लगा ले,

मन की अंगूठी में तू जड़ ले,

ये हीरा अनमोल रे,

जय माता दी बोल रे तू,

जय माता दी बोल रे ॥


जिसने जो माँगा दे डाली,

ऐसी है माँ दानी,

इनसे ना कोई भेद छुपा है,

सबके मन की जानी,

सबकी नेकी बदिया रही माँ,

सच की तराजू तोल रे,

जय माता दी बोल रे तू,

जय माता दी बोल रे ॥


लाल चुनरिया ओढ़ के बैठी,

गुफा में पिंडी रानी है,

माँ की महिमा कैसे जाने,

हम मूरख अज्ञानी है,

यहाँ वहां मत ढूढ़ सरल तू,

भीतर अपने टटोल रे,

जय माता दी बोल रे तू,

जय माता दी बोल रे ॥


माँ का नाम जपे जा हर पल,

लागे ना कोई मोल रे,

जय माता दी बोल रे तू,

जय माता दी बोल रे ॥

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जन्मे अवध में, दशरथ के ललना (Janme Awadh Mein Dashrath Ke Lalna)

जन्मे अवध में,
दशरथ के ललना,

भला किसी का कर ना सको तो (Bhala Kisi Ka Kar Na Sako Too)

भला किसी का कर ना सको तो,
बुरा किसी का मत करना,

रंगपंचमी के खास उपाय

रंग पंचमी का पर्व हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने होली खेली थी, और देवी-देवता भी होली खेलने के लिए पृथ्वी पर आए थे।

हे सरस्वती माँ ज्ञान की देवी किरपा करो(Hey Saraswati Maa Gyan Ki Devi Kirpa Karo)

हे सरस्वती माँ ज्ञान की देवी किरपा करो
देकर वरदान हे मात मेरा अज्ञान हरो

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