कर किरपा तेरे गुण गावा - शब्द कीर्तन (Kar Kirpa Tere Gun Gaawa)

कर किरपा तेरे गुण गाँवा,

नानक नाम जपत सुख पाँवा,


तू वड दाता अन्तर्यामी,

सब मे हैं रविया पुरण प्रभ स्वामी,

कर किरपा तेरे गुण गाँवा


मेरे प्रभ प्रीतम प्राण अधारा,

हॅव सूंड़-सूंड़ जीवा नाम तुमारा,

कर किरपा तेरे गुण गाँवा


तेरी शरण मेरे सतगुुरु मेरे पूरे,

मन निर्मल होये संता दूरे,

कर किरपा तेरे गुण गाँवा


चरण कमल हिर्दय उरधारे,

तेरे दर्शन कऊ जाई बल्हारे,

कर किरपा तेरे गुण गाँवा


कर कृपा तेरे गुण गावा,

नानक नाम जपत सुख पावा,

कर किरपा तेरे गुण गाँवा


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कितना सोणा है दरबार, भवानी तेरा (Kitna Sona Hai Darbar Bhawani Tera)

कितना सोणा है दरबार,
भवानी तेरा ये सिणगार,

भला किसी का कर ना सको तो (Bhala Kisi Ka Kar Na Sako Too)

भला किसी का कर ना सको तो,
बुरा किसी का मत करना,

दादी मैं थारी बेटी हूँ (Dadi Mein Thari Beti Hu)

दादी मैं थारी बेटी हूँ,
रखियो मेरी लाज,

मेरे घनश्याम से तुम मिला दो (Mere Ghanshyam Se Tum Mila Do)

मेरे घनश्याम से तुम मिला दो,
मैं हूँ उनका यार पुराना,

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