बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गयी (Banshi Wale Teri Bansuri Kamal Kar Gayi)

बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गयी,

कमाल कर गई जी कमाल कर गई,

कमाल कर गई जी कमाल कर गई,

मुरली वाले तेरी मुरली कमाल कर गई ॥


बंसी बजाकर के चित को चुरावे,

चित को चुराकर दीवाना बनावे,

ये ग्वालियो की टोली धमाल कर गई,

बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गई ॥


पूनम की रतियाँ झमाझम पानी,

दुल्हन सी सज गई है धरती सुहानी,

यमुना की धारा निहाल कर गई,

बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गई ॥


ललिता भी नाचे विशाखा भी नाचे ,

सखियों के बीच राधा माधव भी नाचे,

‘नंदू’ ये मस्ती निहाल कर गई,

बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गई ॥


बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गयी,

कमाल कर गई जी कमाल कर गई,

कमाल कर गई जी कमाल कर गई,

मुरली वाले तेरी मुरली कमाल कर गई ॥

........................................................................................................
राम नाम ना गाया तूने, बस माया ही जोड़ी (Ram Naam Na Gaya Tune Bas Maya Hi Jodi)

राम नाम ना गाया तूने,
बस माया ही जोड़ी,

दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी (Door Nagari Badi Door Nagri)

दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी
कैसे आऊं मैं कन्हैया,

हे गोविन्द हे गोपाल अब तो जीवन हारे(He Govind He Gopal Ab To Jeevan Hare)

हे गोविन्द हे गोपाल अब तो जीवन हारे ।
अब तो जीवन हारे, प्रभु शरण हैं तिहारे ॥

भीष्म अष्टमी कब है, शुभ मुहूर्त एवं योग

माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भीष्म अष्टमी मनाई जाती है। कहा जाता है कि इसी दिन बाणों की शय्या पर लेटे भीष्म पितामह ने अपने प्राण त्याग किए थे। इसलिए सनातन धर्म में यह तिथि अत्यंत शुभ मानी गई है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने