बजरंगी सरकार, द्वार तेरे आए (Bajrangi Sarkar, Dwar Tere Aaye)

बजरंगी सरकार,

द्वार तेरे आए,

द्वार तेरे आए,

दरश तेरा पाए,

विनती करो स्वीकार,

द्वार तेरे आए,

बजरँगी सरकार,

द्वार तेरे आए ॥


बाला तेरी महिमा का,

नहीं कोई पार,

पूजा तेरी करता है,

सब संसार,

भक्तो का करते बेड़ा पार,

द्वार तेरे आए,

बजरँगी सरकार,

द्वार तेरे आए ॥


पापों का संहार करे,

भक्तो का उद्धार,

जो गाता है महिमा तेरी,

उसका तू रखवाल,

करते है विनती हजार,

द्वार तेरे आए,

बजरँगी सरकार,

द्वार तेरे आए ॥


पल में सुनते बाला अपने,

भक्तो की पुकार,

भूत प्रेत से पीछा छुटे,

आए जो भी द्वार,

‘हलचल’ करता तेरी जय जयकार,

द्वार तेरे आए,

बजरँगी सरकार,

द्वार तेरे आए ॥


बजरंगी सरकार,

द्वार तेरे आए,

द्वार तेरे आए,

दरश तेरा पाए,

विनती करो स्वीकार,

द्वार तेरे आए,

बजरँगी सरकार,

द्वार तेरे आए ॥

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शिव अमृतवाणी (Shiv Amritwani)

कल्पतरु पुन्यातामा,
प्रेम सुधा शिव नाम

इतनी किरपा सांवरे बनाये रखना(Itni Kirpa Sanware Banaye Rakhna)

इतनी किरपा सांवरे बनाये रखना
मरते दम तक सेवा में लगाये रखना,

शरद पूर्णिमा 2024 तिथि: चांद से बरसता अमृत, जानें तारीख और शुभ मुहूर्त

शरद पूर्णिमा के बारे में कहा जाता है कि इस दिन रात को चंद्रमा की रोशनी से अमृत बरसता है। अश्विन मास की पूर्णिमा का ये दिन शरद ऋतु की शुरुआत माना जाता है।

माँ तू ही नज़र आये(Maa Tu Hi Nazar Aaye)

मुँह फेर जिधर देखूं माँ तू ही नज़र आये,
माँ छोड़ के दर तेरा कोई और किधर जाये ॥

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