नन्द बाबा के अंगना देखो बज रही आज बधाई(Nand Baba Ke Angana Dekho Baj Rahi Aaj Badhai)

नन्द बाबा के अंगना देखो,

बज रही आज बधाई,

नगाड़ा जोर से बजा दे,

मैं नृत्य करन को आई,

नगाड़ा जोर से बजा दे,

मैं नृत्य करन को आई ॥


ढोल झांझ मृदंगहूँ बाजे,

और बाजे शहनाई,

सजधज कर सब सखियाँ आई,

गावन लगी बधाई,

मैं भी नाचन को आई,

मैं भी गावन को आई,

नगाड़ा जोर से बजा दे,

मैं नृत्य करन को आई,

नगाड़ा जोर से बजा दे,

मैं नृत्य करन को आई ॥


मंगल साज सजाये सखी सब,

मैया के ढिंग आए,

युग युग जीवे तेरो लाला,

ये आशीष सुनाई,

काली घटा है छाई,

सब दौड़ दौड़ कर आई,

नगाड़ा जोर से बजा दे,

मैं नृत्य करन को आई,

नगाड़ा जोर से बजा दे,

मैं नृत्य करन को आई ॥


नन्द बाबा के अंगना देखो,

बज रही आज बधाई,

नगाड़ा जोर से बजा दे,

मैं नृत्य करन को आई,

नगाड़ा जोर से बजा दे,

मैं नृत्य करन को आई ॥

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शाबर मंत्र पढ़ने के लाभ

शाबर मंत्र भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन मंत्रों की रचना ऋषि-मुनियों और सिद्ध महात्माओं ने साधारण भाषा में की थी, ताकि हर व्यक्ति इन्हें समझ सके और उपयोग कर सके।

भूतनाथ अष्टकम्

शिव शिव शक्तिनाथं संहारं शं स्वरूपम्
नव नव नित्यनृत्यं ताण्डवं तं तन्नादम्

बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गयी (Banshi Wale Teri Bansuri Kamal Kar Gayi)

बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गयी,
कमाल कर गई जी कमाल कर गई,

प्रदोष व्रत के खास उपाय क्या हैं?

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक पवित्र व्रत है, जो हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। जो शिव भक्तों के लिए विशेष रूप से फलदायी माना गया है।

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