माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी(Maa Murade Puri Karde Main Halwa Batungi)

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।

ज्योत जगा के, सर को झुका के,

मैं मनाऊंगी, दर पे आउंगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥


संतो महंतो को बुला के घर में कराऊं जगराता।

सुनती है सब की फरियादें, मेरी भी सुन लेगी माता।

झोली भरेगी, संकट हरेगी, भेटा गाऊँगी,

मैं मनाऊंगी, भेटें गाऊँगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥

॥ माँ मुरादे पूरी करदे...॥


दिल से सुनो शेरा वाली माँ, खड़ी मैं बन के सवाली।

झोली भरो मेरी रानी वाली माँ, गोदी है लाल से खाली।

कृपा करो, गोदी भरो, मैं दर पे आउंगी, मैं भेटें गाऊँगी,

मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥

॥ माँ मुरादे पूरी करदे...॥


भवन तेरा है सब से ऊँचा माँ, और गुफा तेरी नयारी।

भाग्य विदाता ज्योता वाली माँ, कहती है दुनिया सारी।

दाति तुम्हारा, ले के सहारा, मैं दर पे आउंगी, मैं भेटे गाऊँगी,

मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥

॥ माँ मुरादे पूरी करदे...॥


कृपा करो वरदानी माँ, छाया है गम का अँधेरा।

तेरे बिना मेरा कोई ना, मुझ को भरोसा है तेरा।

दाति तुम्हारा, ले के सहारा, दर पे आउंगी, मैं भेटे गाऊँगी,

मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥

॥ माँ मुरादे पूरी करदे...॥


माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।

ज्योत जगा के, सर को झुका के,

मैं मनाऊंगी, दर पे आउंगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥

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मासिक शिवरात्रि के दिन यह भोग लगाएं

मासिक शिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित विशेष पर्व है, जो हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं।

शादी-विवाह पूजा विधि

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मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान् तुम्हारे चरणों में ।
यह विनती है पल पल छिन की, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ॥

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