जो देना हो तो मईया, उपहार ये देना (Jo Dena Ho To Maiya Uphar Ye Dena)

जो देना हो तो मईया,

उपहार ये देना,

तेरी ममता पर थोड़ा,

अधिकार दे देना,

जो देना हों तों मईया,

उपहार ये देना ॥


वैसे तो पहले ही,

काफी है ये तोहफा,

तू है मेरी मैया है,

मैं हूँ तेरा बेटा,

बेटा का जिस पर हक़ है,

वो प्यार दे देना,

जो देना हों तों मईया,

उपहार ये देना ॥


दौलत से जीने के,

साधन तो मिल जाए,

पर माँ की ममता को,

लेने कहाँ जाए,

मुझको है बस ममता की,

दरकार दे देना,

जो देना हों तों मईया,

उपहार ये देना ॥


अमृत में ममता का,

जो अंश ना होता,

तो विष और अमृत में,

कोई फर्क ना होता,

‘सोनू’ को उस अमृत की,

एक धार दे देना,

तेरी ममता पर थोड़ा,

अधिकार दे देना,

जो देना हों तों मईया,

उपहार ये देना ॥


जो देना हो तो मईया,

उपहार ये देना,

तेरी ममता पर थोड़ा,

अधिकार दे देना,

जो देना हों तों मईया,

उपहार ये देना ॥

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राम नाम के साबुन से जो(Ram Naam Ke Sabun Se Jo)

राम नाम के साबुन से जो,
मन का मेल भगाएगा,

प्रदोष व्रत के खास उपाय क्या हैं?

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक पवित्र व्रत है, जो हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। जो शिव भक्तों के लिए विशेष रूप से फलदायी माना गया है।

गुड़ी पड़वा क्यों मनाया जाता है

गुड़ी पड़वा मुख्य रूप से चैत्र माह में नवरात्रि की प्रतिपदा के दिन मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इसी दिन से नववर्ष की शुरुआत भी होती है। इस साल गुड़ी पड़वा 30 मार्च, रविवार को मनाई जाएगी और इसी दिन चैत्र नवरात्रि भी शुरू होगी।

हर हाल में खुश रहना (Har Haal Me Khush Rehna)

हर हाल में खुश रहना, संतो से सीख जाएं ।
हर हाल में खुश रहना, संतो से सीख जाएं ।

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