कौन सी ने मार दियो री टोना (Koun Si Ne Maar Diyo Ri Tona)

कौन सी ने मार दियो री टोना

के मेरो मचले ओ श्याम सलोना


कौन सी ने मार दियो री टोना

के मेरो मचले ओ श्याम सलोना

के मेरो मचले ओ श्याम सलोना

के मेरो मचले ओ श्याम सलोना


कौन सी ने मार दियो री टोना

के मेरो मचले ओ श्याम सलोना


भूल गयी मेने दियो ना

या के माथे बीच डिठौना

रोये ओये रुदन करे मेरो वारो

एजी तोड़ दियो है खिलौना


दूध ना पीवे लाला

दही ना खावे

दूध ना पीवे लाला

दही ना खावे

खावे ना माखन लौना

रोय रोय रुदन करे मेरो वारो

दिए सब फोड़ खिलौना

के कौन सी ने मार दियो री टोना

के मेरो मचले ओ श्याम सलोना


भूल गयी मैंने कियो ना

माथे बीच टीका

न्हावे ना धोवे

सुध बिसराव

आँख ना खोले मेरा छोना

के कौन सी ने मार दियो री टोना

के मेरो मचले ओ श्याम सलोना


पहले समझायो मैंने लाल को

इन सखियों संग नाचो ना

या ग्वालिन की नजरबुरी है

बर्जयो ते मानो ना

के कौन सी ने मार दियो री टोना

के मेरो मचले ओ श्याम सलोना


बोली ललिता

और विशाखा,

यशोदा मैया बात सुनो ना

राई नोन वारो लाल पे,

और धर दियो बीच डिठौना

के कौन सी ने मार दियो री टोना

के मेरो मचले ओ श्याम सलोना


करो उतरो देदई* धूनी

यशोदा बिलम# करो ना

नैना खुल गए मनमोहन के

मुस्काए मन मोहना

के कौन सी ने मार दियो री टोना

के मेरो मचले ओ श्याम सलोना


कौन सी ने मार दियो री टोना

के मेरो मचले ओ श्याम सलोना


कौन सी ने मार दियो री टोना

के मेरो मचले ओ श्याम सलोना

........................................................................................................
इतनी किरपा सांवरे बनाये रखना(Itni Kirpa Sanware Banaye Rakhna)

इतनी किरपा सांवरे बनाये रखना
मरते दम तक सेवा में लगाये रखना,

रक्षा बंधन (Raksha Bandhan)

सतयुग से हुई रक्षाबंधन की शुरुआत, जानिए क्या है भाई को राखी बांधने की सही विधि

भाई दूज की कथा (Bhai Dooj Ki Katha)

भगवान सूर्य की एक पत्नी जिसका नाम संज्ञादेवी था। इनकी दो संतानों में पुत्र यमराज और कन्या यमुना थी।

ये चमक ये दमक (Ye Chamak Ye Damak)

ये चमक ये दमक,
फूलवन मा महक,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने