माँ तू है अनमोल(Maa Tu Hai Anmol)

माँ तू है अनमोल,

जो जाने मेरे बोल,

माँ तेरा ना कोई मोल,

तू तो प्रेम की मूरत है,

माँ तू प्रेम की मूरत है ॥


चरणों की धूल है तेरे,

डाली के फूल है तेरे,

कीचड़ हमको ना समझना,

माँ बच्चे है हम तेरे,

मेरा चलना मेरा हंसना,

सब तेरा है आधार।

माँ तू हैं अनमोल,

जो जाने मेरे बोल,

माँ तेरा ना कोई मोल,

तू तो प्रेम की मूरत है,

माँ तू प्रेम की मूरत है ॥


क्यों गम से मैं घबराऊँ,

क्यों सबसे मैं शरमाऊं,

जब माँ तू साथ है मेरे,

क्यों सबको ना बतलाऊँ,

चाहे दुःख हो या सुख हो,

तेरा करता रहूं गुणगान।

माँ तू हैं अनमोल,

जो जाने मेरे बोल,

माँ तेरा ना कोई मोल,

तू तो प्रेम की मूरत है,

माँ तू प्रेम की मूरत है ॥


‘निक्की’ है दास तुम्हारी,

तुझसे ही आस हमारी,

बिन तेरे कौन सुने माँ,

तू ही आवाज हमारी,

चाहे पायल चाहे बिछिया,

देना चरणों में अस्थान।

माँ तू हैं अनमोल,

जो जाने मेरे बोल,

माँ तेरा ना कोई मोल,

तू तो प्रेम की मूरत है,

माँ तू प्रेम की मूरत है ॥


माँ तू है अनमोल,

जो जाने मेरे बोल,

माँ तेरा ना कोई मोल,

तू तो प्रेम की मूरत है,

माँ तू प्रेम की मूरत है ॥

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सवारिये ने भूलूं न एक घडी(Sanwariye Ne Bhule Naa Ek Ghadi)

पूरन ब्रह्म पूरन ज्ञान
है घाट माई, सो आयो रहा आनन्द

सत्यनारायण पूजन विधि (Satyanarayan Puja Vidhi)

व्रत करने वाला पूर्णिमा व संक्रान्ति के दिन सायंकाल को स्नानादि से निवृत होकर पूजा-स्थान में आसन पर बैठ कर श्रद्धा पूर्वक गौरी, गणेश, वरूण, विष्णु आदि सब देवताओं का ध्यान करके पूजन करें और संकल्प करें कि मैं सत्यनारायण स्वामी का पूजन तथा कथा-श्रवण सदैव करूंगा ।

शिव का डमरू डम डम बाजे (Shiv Ka Damru Dam Dam Baje)

शिव का डमरू डम डम बाजे,
टोली कावड़ियों की नाचे,

ओ मैया तेरी रहमतों ने, ये करिश्मा किया (O Maiya Teri Rehmaton Ne ye Karishma Kiya)

ओ मैया तेरी रहमतों ने,
ये करिश्मा किया,

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