मेरी मैया तेरे दरबार ये, दीवाने आए है (Meri Maiya Tere Darbar Ye Diwane Aaye Hai)

मेरी मैया तेरे दरबार ये,

दीवाने आए है,

भक्ति में तेरी डूब के ये,

भक्ति में तेरी डूब के ये,

मस्ताने आए है,

मेरी मईया तेरे दरबार ये,

दीवाने आए है ॥


सारे जग में तेरा बोल बाला,

तेरा दरबार है सबसे आला,

जो भी आए माँ दर पे सवाली,

उसकी झोली भरी तूने खाली,

माँ श्रद्धा सुमन की भेट तुम्हे,

चढ़ाने आए है,

मेरी मईया तेरे दरबार ये,

दीवाने आए है ॥


तू ही करुणा का सागर भवानी,

नही तुझसा बड़ा कोई दानी,

तेरी भक्ति में शक्ति समानी,

जाए महिमा ना तेरी बखानी,

तेरे चरणों में अपना शीश,

ये माँ झुकाने आए है,

मेरी मईया तेरे दरबार ये,

दीवाने आए है ॥


आओ मिल जगराता मनाए,

झूमे भक्ति में नाचे गाए,

ढोल जम के बजा मेरे ढोली,

माँ के भक्तो की निकली है टोली,

माँ तेरे नाम की लाल ध्वजा,

लहराने आए है,

मेरी मईया तेरे दरबार ये,

दीवाने आए है ॥


मेरी मैया तेरे दरबार ये,

दीवाने आए है,

भक्ति में तेरी डूब के ये,

भक्ति में तेरी डूब के ये,

मस्ताने आए है,

मेरी मईया तेरे दरबार ये,

दीवाने आए है ॥

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दादी झुंझुनू बुलाए, मेरा मन हर्षाये (Dadi Jhunjhunu Bulaye Mera Man Harshaye)

दादी झुंझुनू बुलाए,
मेरा मन हर्षाये,

हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम (Hai Nam Re Sabse Bada Tera Nam)

काल के पंजे से माता बचाओ,
जय माँ अष्ट भवानी,

श्री हरितालिका तीज व्रत कथा (Shri Haritalika Teej Vrat Katha)

श्री परम पावनभूमि कैलाश पर्वत पर विशाल वट वृक्ष के नीचे भगवान् शिव-पार्वती एवं सभी गणों सहित अपने बाघम्बर पर विराजमान थे।

पौष मास की महिमा एवं महत्व

हिंदू पंचांग में दसवें माह को पौष कहते हैं। इस बार पौष मास की शुरुआत 16 दिसंबर से हो गई है जो 13 जनवरी तक रहेगी। इस मास में हेमंत ऋतु का प्रभाव रहता है।

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