मै तो लाई हूँ दाने अनार के (Main To Layi Hu Daane Anaar Ke)

मैं तो लाई हूँ दाने अनार के,

मेरी मैया के नौ दिन बहार के ॥


टैंट वाले तेरा क्या जाएगा-३,

मेरी मैया का पंडाल बन जाएगा,

मै तो लाई हूँ दाने अनार के,

मेरी मैया के नौ दिन बहार के ॥


बिजली वाले तेरा क्या जाएगा-३,

मेरी मैया का भवन जग मगाएगा,

मै तो लाई हूँ दाने अनार के,

मेरी मैया के नौ दिन बहार के ॥


हलवाई तेरा क्या जाएगा-३,

मेरी मैया का प्रसाद बन जाएगा,

मै तो लाई हूँ दाने अनार के,

मेरी मैया के नौ दिन बहार के ॥


ढोल वाले तेरा क्या जाएगा-३,

मेरी मैया का भजन बन जाएगा,

मै तो लाई हूँ दाने अनार के,

मेरी मैया के नौ दिन बहार के ॥


फूल वाले तेरा क्या जाएगा-३,

मेरी मैया का हार बन जाएगा,

मै तो लाई हूँ दाने अनार के,

मेरी मैया के नौ दिन बहार के ॥


मै तो लाई हूँ दाने अनार के,

मेरी मैया के नौ दिन बहार के,

मेरी मैया के नौ दिन बहार के ॥

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चन्द्रघंटा माँ से अर्जी मेरी (Chandraghanta Maa Se Arji Meri)

चन्द्रघंटा माँ से अर्जी मेरी,
मैं दास बनूँ तेरा,

क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी, क्या है पूजन विधि, बांके बिहारी का ये है प्रिय भोज; जानें श्रीकृष्ण की जन्म कथा

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मासिक दुर्गाष्टमी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है जिसे हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन मां दुर्गा की आराधना और व्रत के लिए शुभ माना जाता है।

आ लौट के आजा हनुमान (Bhajan: Aa Laut Ke Aaja Hanuman)

आ लौट के आजा हनुमान,
तुम्हे श्री राम बुलाते हैं ।

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