मंगल मूरति राम दुलारे(Mangal Murati Ram Dulare)

मंगल मूरति राम दुलारे,

आन पड़ा अब तेरे द्वारे,

हे बजरंगबली हनुमान,

हे महावीर करो कल्याण,

हे महावीर करो कल्याण ॥


तीनों लोक तेरा उजियारा,

दुखियों का तूने काज सवारा,

हे जगवंदन केसरी नंदन,

कष्ट हरो हे कृपा निधान ॥


मंगल मुरति राम दुलारे,

आन पड़ा अब तेरे द्वारे,

हे बजरंगबली हनुमान,

हे महावीर करो कल्याण ॥


तेरे द्वारे जो भी आया,

खाली नहीं कोई लौटाया,

दुर्गम काज बनावन हारे,

मंगलमय दीजो वरदान ॥


मंगल मुरति राम दुलारे,

आन पड़ा अब तेरे द्वारे,

हे बजरंगबली हनुमान,

हे महावीर करो कल्याण ॥


तेरा सुमिरन हनुमत वीरा,

नासे रोग हरे सब पीरा,

राम लखन सीता मन बसिया,

शरण पड़े का कीजे ध्यान ॥


मंगल मूरति राम दुलारे,

आन पड़ा अब तेरे द्वारे,

हे बजरंगबली हनुमान,

हे महावीर करो कल्याण,

हे महावीर करो कल्याण ॥

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चंदा सिर पर है जिनके शिव (Chanda Sir Par Hai Jinke Shiv)

चंदा सिर पर है जिनके,
कानो में कुण्डल चमके,

राम नाम की लूट है (Ram Naam Ki Loot Hai)

श्री राम, जय राम, जय जय राम
श्री राम, जय राम, जय जय राम

उत्पन्ना एकादशी का चालीसा

उत्पन्ना एकादशी सनातन धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है। वैसे तो हर माह में दो एकादशी आती है, लेकिन उत्पन्ना एकादशी का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि इस दिन मां एकादशी का जन्म हुआ था।

महाकाल की लगन: शिव (Mahakal Ki Lagan)

मोहे लागी रे लगन महाकाल की लगन,
तुम्हारे नाम से किस्मत मेरी सजा लू मैं,

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