मेरे पवनपुत्र हनुमान, करूं मैं तेरा हर पल ध्यान (Mere Pawanputra Hanuman Karu Main Tera Har Pal Dhyan)

मेरे पवनपुत्र हनुमान,

करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,

नज़र मो पे रखना तू हनुमान,

नज़र मो पे रखना तू ॥


तेरी मूरतिया पे मन मोरा अटका,

चढ़ाऊं तो पे सिंदूरी पटका,

तेरा संकटमोचन नाम ओ,

तेरा संकटमोचन नाम,

करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,

नज़र मो पे रखना तू हनुमान,

नज़र मो पे रखना तू ॥


तेरी गदा पर मन मेरा अटका,

प्यारी कथाओं में मन मोरा भटका,

तेरे अद्भुत सारे काम ओ,

तेरे अद्भुत सारे काम,

करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,

नज़र मो पे रखना तू हनुमान,

नज़र मो पे रखना तू ॥


तेरे भजनों पे मन मोरा अटका,

प्यारा लगे हर रंग में पटका,

तेरे मन में राम का नाम ओ,

तेरे मन में राम का नाम,

करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,

नज़र मो पे रखना तू हनुमान,

नज़र मो पे रखना तू ॥


तेरी पादुका पे मन मोरा अटका,

मुझे तो लग गया तेरा चसका,

तेरे चरणों में अंतर्ध्यान ओ,

तेरे चरणों में अंतर्ध्यान,

करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,

नज़र मो पे रखना तू हनुमान,

नज़र मो पे रखना तू ॥


........................................................................................................
रिद्धि सिद्धि वाले गणपति बाबा, तेरी महिमा भारी है(Riddhi Siddhi Wale Ganpati Baba Teri Mahima Bhari Hai)

रिद्धि सिद्धि वाले गणपति बाबा,
तेरी महिमा भारी है,

गणपति आयो बापा, रिद्धि सिद्धि लायो (Ganpati Aayo Bapa Riddhi Siddhi Layo)

गणपति आयो बापा,
रिद्धि सिद्धि लायो,

जिन भवानी माँ (Jeen Bhawani Maa)

जिन भवानी माँ,
थारी महिमा न्यारी है,

प्रदोष व्रत क्यों रखा जाता है?

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। दरअसल, यह व्रत देवाधिदेव महादेव शिव को ही समर्पित है। प्रदोष व्रत हर माह में दो बार, शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने