मेरे राम इतनी किरपा करना, बीते जीवन तेरे चरणों में(Mere Ram Itni Kripa Karna Beete Jeevan Tere Charno Me)

मेरे राम इतनी किरपा करना,

बीते जीवन तेरे चरणों में ॥


मेरे राम मेरे घर आ जाना,

शबरी के बेर तुम खा जाना,

मुझे दर्शन अपने दिखा जाना,

मुझे मुक्ति मिले अपने कर्मो से,

मेरे राम इतनी कीरपा करना,

बीते जीवन तेरे चरणों में ॥


जब जनम लूँ मैं तेरी दासी बनु,

तेरी सेवा करूँ सन्यासी बनु,

हर जनम में मैं तेरी पूजा करूँ,

ना करना विमुख मेरे धर्मो से,

मेरे राम इतनी कीरपा करना,

बीते जीवन तेरे चरणों में ॥


बस इतनी हमपे दया करना,

नाम तेरा भजे मेरा मनवा,

नहीं दूर कभी हो तेरी सूरत,

प्रभु आन बसों मेरे नयनो में,

मेरे राम इतनी कीरपा करना,

बीते जीवन तेरे चरणों में ॥


भटके जब जीवन की नैया,

प्रभु पार लगाना बनके खिवैया,

जब दिखे ना कही मुझे उजियारा,

ले लेना अपने चरणों में,

मेरे राम इतनी कीरपा करना,

बीते जीवन तेरे चरणों में॥


मेरे राम इतनी किरपा करना,

बीते जीवन तेरे चरणों में ॥

........................................................................................................
अथ श्री देव्याः कवचम् (Ath Shree Devya Kavacham)

देव्याः कवचम् का अर्थात देवी कवच यानी रक्षा करने वाला ढाल होता है ये व्यक्ति के शरीर के चारों ओर एक प्रकार का आवरण बना देता है, जिससे नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।

यही रात अंतिम यही रात भारी: भजन (Yehi Raat Antim Yehi Raat Bhaari)

यही रात अंतिम यही रात भारी,
बस एक रात की अब कहानी है सारी,

कार्तिक पूर्णिमा पर दान

कार्तिक पूर्णिमा का पर्व हिंदू धर्म में अत्यधिक पवित्र माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष विधान है।

तेरे नाम की धुन लागी (Tere Naam Ki Dhun Lagi)

तेरे नाम की धुन लागी,
मन है तेरा मतवाला,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।