जिसको जीवन में मिला सत्संग है (Jisko jivan Main Mila Satsang Hai)

जिसके जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।


जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।

जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।


जिसका हरी से जुड़ा संबंध हैं,

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।

जिसका हरी से जुड़ा संबंध हैं,

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।


सूरदास मीरा कबीरा ने गया,

तुलसी नानक ने भी दर्शन पाया ।

सूरदास मीरा कबीरा ने गया,

तुलसी नानक ने भी दर्शन पाया ।


जिसके हृदय मे राम नाम बंद है,

जिसके हृदय मे राम नाम बंद है,

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।


जिसके जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।


जिसका जीवन सच्चाई में ढाल गया,

उसके पापों का पर्वत भी ढाल गया,

उसके रोम रोम मे बस गोविंद ही गोविंद ।


संत और ऋषियो की वाणी को मानो,

तत्व क्या है जगत का ये मन मे पहचानो ।


जिसका चौरासी कट जाए फंद है

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।


जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।

जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।


जिसे स्वर्ग जाने की इच्छा नहीं है

जिसे मुक्ति पाने की इच्छा नहीं है

उसे ही मिलता यहाँ परमानंद है

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।


जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।

जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।

........................................................................................................
चदरिया झीनी रे झीनी - भजन (Chadariya Jhini Re Jhini)

कबीरा जब हम पैदा हुए,
जग हँसे हम रोये,

हरे राम हरे रामा, जपते थे हनुमाना (Hare Ram Hare Rama Japte The Hanumana)

हरे राम हरे रामा,
जपते थे हनुमाना,

ये सारे खेल तुम्हारे है जग कहता खेल नसीबों का: भजन (Ye Sare Khel Tumhare Hain Jag Kahta Khel Naseebo Ka)

ये सारे खेल तुम्हारे है,
जग कहता खेल नसीबों का,

माँ अंजनी के लाल, कलयुग कर दियो निहाल(Maa Anjani Ke Lal Kalyug Kar Diyo Nihaal)

माँ अंजनी के लाल,
कलयुग कर दियो निहाल,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने