मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम(Mere Tan Mein Bhi Ram Mere Maan Mein Bhi Ram)

मेरे तन में भी राम,

मेरे मन में भी राम,

रोम रोम में समाया तेरा नाम रे,

मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे ॥


जैसे चंदा में राम,

जैसे सूरज में राम,

अम्बर तारों में समाया तेरा नाम रे,

मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे ॥


जैसे भीलनी के राम,

जैसे मीरा के श्याम,

नर नारी में समाया तेरा नाम रे,

मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे ॥


जैसे सीता के राम,

जैसे राधा के श्याम,

पत्ते पत्ते में समाया तेरा नाम रे,

मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे ॥


मेरे तन में भी राम,

मेरे मन में भी राम,

रोम रोम में समाया तेरा नाम रे,

मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे ॥

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गाइये गणपति सुबहो शाम(Gaiye Ganpati Subaho Shaam)

गाइये गणपति सुबहो शाम,
मंगलमूर्ति मंगलकारी,

जो सुमिरत सिधि होइ (Jo Sumirat Siddhi Hoi)

जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन ॥
करउ अनुग्रह सोइ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन ॥ 1 ॥

खाटू वाले श्याम धणी को, हैलो आयो है(Khatu Wale Shyam Dhani Ko Helo Aayo Hai)

खाटू चालों खाटू चालों,
खाटू वाले श्याम धणी को,

वैकुंठ धाम कहां है

वैकुण्ठ धाम एक ऐसा स्थान है जहां कर्महीनता नहीं है, निष्क्रियता नहीं है। कहते हैं कि मरने के बाद पुण्य कर्म करने वाले लोग स्वर्ग या वैकुंठ जाते हैं। सनातन धर्म में बैकुंठ धाम की बहुत चर्चा होती है।

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