मेरी मां को खबर हो गई(Meri Maa Ko Khabar Ho Gayi)

कैसे कह दूँ,

दुआ बेअसर हो गई,

मैं रोया,

मेरी माँ को खबर हो गई,

मैं रोया,

मेरी मां को खबर हो गई ॥


पोंछे आंसू मेरी माँ ने,

बड़े प्यार से,

दिल तो भर आया और,

आँखे नम हो गई,

कैसे कह दूँ,

दुआ बेअसर हो गई,

मैं रोया,

मेरी मां को खबर हो गई ॥


माँ के चरणों को छूकर,

निहाल हो गया,

कुछ ना बोला फिर भी,

माँ को खबर हो गई,

कैसे कह दूँ,

दुआ बेअसर हो गई,

मैं रोया,

मेरी मां को खबर हो गई ॥


पूछा लोगों ने माँ के,

दर से क्या मिल गया,

मैंने बोला मुझे,

जीने की डगर मिल गई,

कैसे कह दूँ,

दुआ बेअसर हो गई,

मैं रोया,

मेरी मां को खबर हो गई ॥


कैसे कह दूँ,

दुआ बेअसर हो गई,

मैं रोया,

मेरी माँ को खबर हो गई,

मैं रोया,

मेरी मां को खबर हो गई ॥

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आमलकी एकादशी पूजा विधि

फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी पर आमलकी एकादशी का व्रत किया जाता है। इस तिथि पर भगवान विष्णु के साथ-साथ आंवले के पेड़ की पूजा का भी विशेष महत्व है।

हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम ओ शेरोंवाली (Hey Naam Re Sabse Bada Tera Naam O Sherawali)

पग पग ठोकर खाऊं, चल ना पाऊं, कैसे आऊं मैं घर तेरे।
शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥

माँ! मुझे तेरी जरूरत है(Maa! Mujhe Teri Jarurat Hai)

माँ ! मुझे तेरी जरूरत है ।
कब डालोगी, मेरे घर फेरा

मेरी मैया ने ओढ़ी लाल चुनरी (Meri Maiya Ne Odhi Laal Chunari)

मेरी मैया ने ओढ़ी लाल चुनरी,
हीरो मोती जड़ी गोटेदार चुनरी,

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