करो हरी का भजन प्यारे, उमरिया बीती जाती हे (Karo Hari Ka Bhajan Pyare, Umariya Beeti Jati Hai)

करो हरी का भजन प्यारे,

उमरिया बीती जाती हे,

पूरब शुभ कर्म करी आया,

मनुष्य तन पृथ्वी पर पाया,

फिर विषयो से भरमाया,

मौत याद नहीं आती हे ,

करो हरी का भजन प्यारे!


बालपन खेल में खोया,

जोबन में काम बस होया ;

बुढ़ापा खाट पर सोया,

आस मन को सतानि हे,

करो हरी का भजन प्यारे!


कुटुंब परिवार सूत दारा,

स्वप्न सम देख जग सारा ;

माया का जाल बिस्तारा ,

नहीं ये संग जाती हे

करो हरी का भजन प्यारे!


जो हरी के चरण चित लावे,

सो भवसागर से तर जावे ;

ब्रह्मानंद मोक्ष पद पावे,

वेद वानी सुनाती हे

करो हरी का भजन प्यारे!

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मेरी शेरावाली मां, बदलती तकदीरे (Meri Sherawali Maa Badalti Takdire)

कभी जल्दी जल्दी,
कभी धीरे धीरे,

वसंत पूर्णिमा की पूजा विधि

भारत में पूर्णिमा का बहुत महत्व है और देश के प्रमुख क्षेत्रों में इसे पूर्णिमा कहा जाता है। पूर्णिमा का दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि अधिकांश प्रमुख त्यौहार या वर्षगांठ इसी दिन पड़ती हैं।

कांवड़ सजा के चालो, सावन ऋतू है आई (Kanwar Saja Ke Chalo Sawan Ritu Hai Aayi)

कांवड़ सजा के चालो,
सावन ऋतू है आई,

दर्श करा दे मेरे सांवरे, म्हारे नैना हुए बावरे (Darsh Kara De Mere Sanware Mhare Naina Huye Baware)

दर्श करा दे मेरे सांवरे,
म्हारे नैना हुए बावरे,

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