माँ दुर्गे आशीष दो (Maa Durge Ashish Do)

माँ दुर्गे आशीष दो माँ दुर्गे आशीष दो

मन मे मेरे वास हो तेरा चरणो संग प्रीत हो ॥


जनम जनम का साथ हो तेरा इतना आशीर्वाद दो,

कृपा तेरी बनी रहे माँ सर पे तेरा हाथ हो,

माँ दुर्गे आशीष दो माँ दुर्गे आशीष दो,

मन में मेरे वास हो तेरा चरणो संग प्रीत हो,

माँ दुर्गे आशीष दो ॥


जब भी तुझको याद किया पल में दर्श दिखाती हो,

अपने बच्चो को मैया ममता से गले लगाती हो,

माँ गले लगाती हो,

माँ दुर्गे आशीष दो माँ दुर्गे आशीष दो।

मन में मेरे वास हो तेरा चरणो संग प्रीत हो,

माँ दुर्गे आशीष दो ॥


तेरे नाम का अमृत पाये ऐसी किरपा कर दे माँ,

झोलियाँ सबकी भर जाये नजर मेहर की करदे माँ,

नजर मेहर की करदे माँ,

माँ दुर्गे आशीष दो माँ दुर्गे आशीष दो,

मन में मेरे वास हो तेरा चरणो संग प्रीत हो,

माँ दुर्गे आशीष दो माँ दुर्गे आशीष दो ॥


मन में मेरे वास हो तेरा चरणो संग प्रीत हो,

माँ दुर्गे आशीष दो ॥

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एक तमन्ना माँ है मेरी(Ek Tamanna Ma Hai Meri)

एक तमन्ना माँ है मेरी,
दिल में बसा लूँ सूरत तेरी,

मैं उस दरबार का सेवक हूँ जिस दर की अमर कहानी है (Main Us Darbaar Ka Sevak Hu)

मैं उस दरबार का सेवक हूँ,
जिस दर की अमर कहानी है,

शंकर तेरी जटा से बहती है गंग धारा (Shankar Teri Jata Se Behti Hai Gang Dhara)

शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा,

देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ(Dena Ho To Dijiye Janam Janam Ka Sath)

देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ।

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