नंदरानी कन्हयो जबर भयो रे(Nandrani Kanhaiya Jabar Bhayo Re)

नंदरानी कन्हयो जबर भयो रे,

मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे ॥


पनघट पे आके करे जोरा जोरि,

चुपके से आये करे चिर चोरी,

मैया हल्लो मच्यो तो सटक गयो रे,

मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे ॥


मुस्कान इसकी लगे प्यारी प्यारी,

दीवानी हुई इसकी सारी ब्रजनारी,

ऐ की बंसी में जियरो अटैक गयो रे,

मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे ॥


घर घर में जाके ये माखन चुरावे,

खावे सो खावे जमी पे गिरावे,

मैया रोकनो हमारो खटक गयो रे,

मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे ॥


में तो दुखारी गरीबी की मारी,

नही जोर चल्यो तो दीन्ही में गाली,

नंदू बईया कन्हैया झटक गयो रे,

मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे ॥


नंदरानी कन्हयो जबर भयो रे,

मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे ॥

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मात भवानी अम्बे माँ (Maat Bhawani Ambe Maa)

मात भवानी अम्बे माँ,
मेरी नैया भवर में है आ,

वैकुण्ठ चतुर्दशी की कथा (Vaikunth Chaturdashi Ki Katha)

वैकुण्ठ चतुर्दशी को लेकर एक कथा काफी प्रचलित है। इस कथा के अनुसार एक बार श्रीहरि विष्णु देवाधिदेव शंकर जी का पूजन करने के लिए काशी आए थे।

मार्च में 7 तारीख के बाद नहींं होंगे मांगलिक कार्य

होलिका दहन से पहले 8 दिन होलाष्टक तिथि लगती है जिसमें कोई मांगलिक कार्य नहीं होता है। पुराणिक कथाओं के अनुसार माना जाता है कि यह समय भक्त प्रह्लाद पर किए गए अत्याचारों को दर्शाता है।

आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा (Aa Maan Aa Tujhe Dil Ne Pukaara)

आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा ।
दिल ने पुकारा तू है मेरा सहारा माँ ॥

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