हम को मन की शक्ति देना (Hum Ko Mann Ki Shakti Dena)

हम को मन की शक्ति देना,

मन विजय करें ।

दूसरों की जय से पहले,

खुद को जय करें ।


भेदभाव अपने दिल से,

साफ कर सकें ।

दोस्तों से भूल हो तो,

माफ कर सकें ।

झूठ से बचे रहें,

सच का दम भरें ।

दूसरों की जय से पहले,

खुद को जय करें ।


हम को मन की शक्ति देना,

मन विजय करें ।

दूसरों की जय से पहले,

खुद को जय करें ।


मुश्किलें पड़े तो हम पे,

इतना कर्म कर ।

साथ दे तो धर्म का,

चलें तो धर्म पर ।

खुद पे हौसला रहे,

बदी से ना डरें ।

दूसरों की जय से पहले,

खुद को जय करें ।


हम को मन की शक्ति देना,

मन विजय करें ।

दूसरों की जय से पहले,

खुद को जय करें ।


हम को मन की शक्ति देना,

मन विजय करें ।

दूसरों की जय से पहले,

खुद को जय करें ।

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म्हारा घट मा बिराजता श्रीनाथजी (Mara Ghat Ma Birajta Shrinathji)

म्हारा घट मा बिराजता,
श्रीनाथजी यमुनाजी महाप्रभुजी,

चक्रधर भगवान की पूजा कैसे करें?

भगवान चक्रधर 12वीं शताब्दी के एक महान तत्त्वज्ञ, समाज सुधारक और महानुभाव पंथ के संस्थापक थे। महानुभाव धर्मानुयायी उन्हें ईश्वर का अवतार मानते हैं। उनका जन्म बारहवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में, गुजरात के भड़ोच में हुआ था। उनका जन्म नाम हरीपालदेव था।

हरियाली अमावस्या : पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने और पर्यावरण संरक्षण का अनोखा पर्व

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डमक डम डमरू रे बाजे (Damak Dam Damroo Re Baje)

डमक डम डमरू रे बाजे,
चन्द्रमा मस्तक पर साजे,

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