मेरो लाला झूले पालना, नित होले झोटा दीजो (Mero Lala Jhule Palna Nit Hole Jhota Dijo)

मेरो लाला झूले पालना, नित होले झोटा दीजो

नित होले झोटा दीजो, नित होले झोटा दीजो


मेरो लाला झूले पालना, नित होले झोटा दीजो

नित होले झोटा दीजो, नित होले झोटा दीजो


मथुरा में जाको जनम लियो है, मतुरा में जाको जनम लियो है

गोकुल में झुले पालना, नित होले झोटा दीजो॥ मेरो लाला झूले पालना ॥


काहे को जाको बनो है पालनो, काहे को जाको बनो है पालनो

काहे के लागे फूलना, नित होले झोटा दीजो॥ मेरो लाला झूले पालना ॥


रत्न जड़ित जाको बनो है पालनौ, रत्न जड़ित जाको बनो है पालनौ

रेशम के लागे फूलना, नित होले झोटा दीजो॥ मेरो लाला झूले पालना ॥


चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि, चन्द्र सखी भेज बाल कृष्ण छवि

चीरजीवो ये लालना, नित होले झोटा दीजो॥ मेरो लाला झूले पालना ॥


मेरो लाला झूले पालना, नित होले झोटा दीजो

नित होले झोटा दीजो, नित होले झोटा दीजो

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संसार का सारा सुख केवल, श्री राम तुम्हारे चरणों में(Sansar Ka Sara Sukh Keval Shree Ram Tumhare Charno Mein)

संसार का सारा सुख केवल,
श्री राम तुम्हारे चरणों में,

राम नाम से जगमग है (Ram Naam Se Jagmag Hai)

वो कितने धनवान धनी जो
राम के दर्शन पाते हैं

उत्पन्ना एकादशी का चालीसा

उत्पन्ना एकादशी सनातन धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है। वैसे तो हर माह में दो एकादशी आती है, लेकिन उत्पन्ना एकादशी का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि इस दिन मां एकादशी का जन्म हुआ था।

Satyanarayan Bhagwan Ki Katha (सत्यनारायण कथा)

एक समय नैमिषीरण्य तीर्थ में शौनकादि 88 हजार ऋषियों ने श्री सूत जी से पूछा हे प्रभु! इस कलयुग में वेद-विद्या रहित मनुष्यों को प्रभु भक्ति किस प्रकार मिलेगी तथा उनका उद्धार कैसे होगा।

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