मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है (Mujhe Tune Malik Bahut Kuch Diya Hai)

मुझे तूने मालिक,

बहुत कुछ दिया है ।

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है ।

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है ।


मुझे तूने मालिक,

बहुत कुछ दिया है ।

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है ।


ना मिलती अगर,

दी हुई दात तेरी ।

तो क्या थी ज़माने में,

औकात मेरी ।

ये बंदा तो तेरे,

सहारे जिया है ।

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है ।

॥ मुझे तूने मालिक...॥


ये जायदाद दी है,

ये औलाद दी है ।

मुसीबत में हर वक़्त,

मदद की है ।

तेरे ही दिया मैंने,

खाया पिया है ।

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है ।

॥ मुझे तूने मालिक...॥


मेरा ही नहीं तू,

सभी का है दाता ।

सभी को सभी कुछ,

है देता दिलाता ।

जो खाली था दामन,

तूने भर दिया है ।

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है ।

॥ मुझे तूने मालिक...॥


तेरी बंदगी से,

मै बंदा हूँ मालिक ।

तेरे ही करम से,

मै जिन्दा हूँ मालिक ।

तुम्ही ने तो जीने के,

काबिल किया है ।

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है ।

॥ मुझे तूने मालिक...॥


मेरा भूल जाना,

तेरा ना भुलाना ।

तेरी रहमतो का,

कहाँ है ठिकाना ।

तेरी इस मोहब्बत ने,

पागल किया है ।

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है ।

॥ मुझे तूने मालिक...॥


मुझे तूने मालिक,

बहुत कुछ दिया है ।

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है ।

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है ।


सीताराम राम राम,

सीताराम राम राम

सीताराम राम राम,

सीताराम राम राम


सीताराम राम राम,

सीताराम राम राम

सीताराम राम राम,

सीताराम राम राम

........................................................................................................
हे राम भक्त हनुमान जी, मुझे ऐसी भक्ति दो(Hey Ram Bhakt Hanuman Ji Mujhe Aisi Bhakti Do)

हे राम भक्त हनुमान जी,
मुझे ऐसी भक्ति दो,

कान्हा वे असां तेरा जन्मदिन मनावणा (Kahna Ve Assan Tera Janmdin Manavna)

रीझा भरी घडी यह आई,
घर घर होई रोशनाई

प्रदोष व्रत के फायदे

प्रदोष व्रत त्रयोदशी के दिन रखा जाता है। इसलिए, इसे त्रयोदशी के नाम से भी जानते हैं। प्रत्येक महीने में दो प्रदोष व्रत पड़ते हैं। एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है।

जहाँ राम की चर्चा होती, आता बजरंग बाला (Jahan Ram Ki Charcha Hoti Aata Bajrang Bala)

जहाँ राम की चर्चा होती,
आता बजरंग बाला,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने