ओ मेरे बाबा भोलेंनाथ (O Mere Baba Bholenath)

ना मांगू मैं हीरे मोती,

ना मांगू मैं सोना चांदी,

मांगू तो बस तेरा साथ,

ओ मेरे बाबा भोलेनाथ,

ओ मेरे बाबा भोलेंनाथ ॥


उगता रहे यूँ ही सूरज तेरा,

तेरे बिना ना हो मेरा सवेरा,

तू ही तो है सब कुछ मेरा,

तेरे बिना नही कोई मेरा,

मुझे ले चल तू अपने साथ,

ओ मेरे बाबा भोलेंनाथ ॥


मार्कण्डेय के गले में पड़ा जब,

काल का पहरा,

भोले शंकर ने प्रकट होकर,

उस काल को घेरा,

नंदी को तूने मौत से बचाया,

मौत से बचाकर गण अपना बनाया,

रख मेरे भी सर पर भी हाथ,

ओ मेरे बाबा भोलेंनाथ ॥


कालो के काल शम्भू तुम हो विकराल,

कहती है दुनिया तुम्हे महाकाल,

तुम हो पिता मैं तुम्हारा हूँ लाल,

मिल जाओ मुझको हो जाए कमाल,

मेरे जीवन की नैया तेरे हाथ,

ओ मेरे बाबा भोलेंनाथ ॥


ना मांगू मैं हीरे मोती,

ना मांगू मैं सोना चांदी,

मांगू तो बस तेरा साथ,

ओ मेरे बाबा भोलेनाथ,

ओ मेरे बाबा भोलेंनाथ ॥

........................................................................................................
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार(Teri Mand Mand Mushakniya Pe Balihar)

तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे,
बलिहार संवारे जू ।

लगन तुमसे लगा बैठे, जो होगा देखा जाएगा (Lagan Tumse Laga Baithe Jo Hoga Dekha Jayega)

मोहे लागी रे लगन महाकाल की लगन,
तुम्हारे नाम से किस्मत मेरी सजा लू मैं,

प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी (Pyara Saja Hai Tera Dwar Bhawani)

दरबार तेरा दरबारों में इक खास एहमियत रखता है
उसको वैसा मिल जाता है जो जैसी नीयत रखता है

सफला एकादशी व्रत कैसे करें

साल में 24 एकादशी का व्रत रखा जाता है। ये सभी भगवान विष्णु को समर्पित होते है। एकादशी व्रत हर महीने के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाता है, जो प्रत्येक माह में दो बार आती है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने