पायो जी मैंने राम रतन धन पायो (Piyo Ji Maine Ram Ratan Dhan Payo)

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ।

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ।


वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु ।

कृपा कर अपनायो ॥

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ।

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ।


जन्म जन्म की पूंजी पाई ।

जग में सबी खुमायो ॥

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ।

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ।


खर्च ना खूटे, चोर ना लूटे।

दिन दिन बढ़त सवायो॥

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ।

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ।


सत की नाव खेवटिया सतगुरु।

भवसागर तरवयो॥

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ।

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ।


मीरा के प्रभु गिरिधर नगर।

हर्ष हर्ष जस गायो॥

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ।

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ।

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हनुमान जयंती मुहूर्त और पूजा-विधि

हनुमान जी का जन्मोत्सव हर वर्ष चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। उनकी कृपा से व्यक्ति को सभी प्रकार की समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। अभिजीत मुहूर्त में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

वो है जग से बेमिसाल सखी

कोई कमी नही है, दर मैय्या के जाके देख।
देगी तुझे दर्शन मैय्या, तू सर को झुका के देख।

मेरी मैया तेरे दरबार ये, दीवाने आए है (Meri Maiya Tere Darbar Ye Diwane Aaye Hai)

मेरी मैया तेरे दरबार ये,
दीवाने आए है,

हाय नजर ना लग जाये(Najar Naa Lag Jaye)

ओ मोटे मोटे नैनन के तू ,
ओ मीठे मीठे बैनन के तू

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