राम कथा सुनकर जाना (Ram Katha Sunkar Jana)

जीवन का निष्कर्ष यही है,

प्रभु प्रेम में लग जाना,

आओ सब मिल बैठो प्यारे,

राम कथा सुनकर जाना,

आओ सब मिल बैठो प्यारे,

राम कथा सुनकर जाना ॥


राम कथा की पावन गंगा,

अविरल बहती जाए,

प्रेम भाव की शीतल लहरें,

भीतर तक लहराए,

कुछ बातें है सुनने लायक,

कुछ बातें गुनकर जाना,

आओ सब मिल बैठो प्यारे,

राम कथा सुनकर जाना ॥


उत्तम बने विचार यही,

मतलब है रामकथा का,

औरों की पीड़ा का हो,

मन में आभास व्यथा का,

कुल परिवार ओढ़ ले प्यारे,

वो चादर बुनकर जाना,

आओ सब मिल बैठो प्यारे,

राम कथा सुनकर जाना ॥


तुलसीदास भगीरथ बनकर,

तप जप किए अभंगा,

तब जाकर मानस से निकली,

पाप नाशनी गंगा,

रामकथा गंगा में ‘राजन’,

तिरते तिरते तर जाना,

आओ सब मिल बैठो प्यारे,

राम कथा सुनकर जाना ॥


जीवन का निष्कर्ष यही है,

प्रभु प्रेम में लग जाना,

आओ सब मिल बैठो प्यारे,

राम कथा सुनकर जाना,

आओ सब मिल बैठो प्यारे,

राम कथा सुनकर जाना ॥

........................................................................................................
रथ सप्तमी व्रत के शुभ मुहूर्त

माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को रखा जाने वाला रथ सप्तमी व्रत इस साल 4 फरवरी को है। यह व्रत प्रमुख रूप से सूर्य देव को समर्पित है। रथ सप्तमी को अचला सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है।

खाटू वाले श्याम प्यारे(Khatu Wale Shyam Pyare)

खाटू वाले श्याम प्यारे,
खूब कियो श्रृंगार,

कथा राम जी की है कल्याणकारी (Katha Ram Ji Ki Hai Kalyankari)

कथा राम जी की है कल्याणकारी,
मगर ये करेगी असर धीरे धीरे,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।