जय माता दी बोल (Jay Mata Di Bol)

जय माता दी बोल,

चली आएगी भवानी,

आएगी भवानी चली,

आएगी भवानी,

जय माता दी बोंल,

चली आएगी भवानी ॥


बड़ी ही दयालु है ये,

बड़ी ही है दानी,

बड़ी ही दयालु है ये,

बड़ी ही है दानी,

जय माता दी बोंल,

चली आएगी भवानी ॥


लाल लाल चुनरी है,

माँ की निशानी,

लाल लाल चुनरी है,

माँ की निशानी,

जय माता दी बोंल,

चली आएगी भवानी ॥


जय जयकार मैया जी को,

लगती सुहानी,

जय जयकार मैया जी को,

लगती सुहानी,

जय माता दी बोंल,

चली आएगी भवानी ॥


झोली भरे सबकी,

है माँ वरदानी,

झोली भरे सबकी,

है माँ वरदानी,

जय माता दी बोंल,

चली आएगी भवानी ॥


‘सोनू’ अपनी मैया से,

प्रीत है पुरानी,

‘सोनू’ अपनी मैया से,

प्रीत है पुरानी,

जय माता दी बोंल,

चली आएगी भवानी ॥


जय माता दी बोल,

चली आएगी भवानी,

आएगी भवानी चली,

आएगी भवानी,

जय माता दी बोंल,

चली आएगी भवानी ॥


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गाइये गणपति सुबहो शाम(Gaiye Ganpati Subaho Shaam)

गाइये गणपति सुबहो शाम,
मंगलमूर्ति मंगलकारी,

माँ अंजनी का प्यारा लाल(Maa Anjani Ka Pyara Lal)

माँ अंजनी का प्यारा लाल,
घोटा हाथ लंगोटा लाल,

क्यों खास है डोल पूर्णिमा

डोल पूर्णिमा का त्यौहार मुख्य रूप से बंगाल, असम, त्रिपुरा, गुजरात, बिहार, राजस्थान और ओडिशा में मनाया जाता है। इस दिन राधा-कृष्ण की मूर्ति को पालकी पर बिठाया जाता है और भजन गाते हुए जुलूस निकाला जाता है।

मिश्री से भी मीठा नाम तेरा(Mishri Se Bhi Meetha Naam Tera)

मिश्री से भी मीठा नाम तेरा,
तेरा जी मैया,

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