राम नाम जपते है, मस्ती में रहते है(Ram Naam Japte Hai Masti Mein Rehte Hain)

राम नाम जपते है,

मस्ती में रहते है,

देव है ये सबसे निराला,

इसे कहते हैं बजरंगबाला,

ओ बाला इसे कहते हैं बजरंगबाला ॥


मंगल को जन्मे है मंगल ही करते,

शुक्र और शनि जिनका पानी है भरते,

राम का दीवाना है,

कहता ये जमाना है,

देव है ये सबसे निराला,

इसे कहते हैं बजरंगबाला,

ओ बाला इसे कहते हैं बजरंगबाला ॥


नारियल हो के साथ सवा रुपैया,

भेंट जो चढ़ाए पार कर देते नैया,

बिगड़ी ये बनाते है,

गले से लगाते है,

ऐसे है अंजनी के लाला,

इसे कहते हैं बजरंगबाला,

ओ बाला इसे कहते हैं बजरंगबाला ॥


सिर पे मुकुट कुण्डल कानो में सोहे,

झांकी निराली जो भक्तों को मोहे,

बाँध के लंगोटा जो,

लेके हाथ सोटा जो,

दुष्टों का मुंह करते काला,

इसे कहते हैं बजरंगबाला,

ओ बाला इसे कहते हैं बजरंगबाला ॥


जानकी के प्यारे है अंजनी के दुलारे है,

कलयुग में हमसब भक्तों के सहारे है,

राम का दीवाना है,

कहता जमाना है,

‘नरसी’ को तुमने संभाला,

इसे कहते हैं बजरंगबाला,

ओ बाला इसे कहते हैं बजरंगबाला ॥


राम नाम जपते है,

मस्ती में रहते है,

देव है ये सबसे निराला,

इसे कहते हैं बजरंगबाला,

ओ बाला इसे कहते हैं बजरंगबाला ॥


........................................................................................................
श्री लड्डू गोपाल चालीसा (Shri Laddu Gopal Chalisa)

श्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल |
वरणो चालीसा सरस, सकल सुमंगल मूल ||

मेरे सरकार आये है(Mere Sarkar Aaye Hain)

सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है,

अग्नि देवता की पूजा विधि क्या है?

सनातन धर्म में अग्नि देवता को देवताओं का मुख माना जाता है। वे देवताओं और मनुष्यों के बीच एक संदेशवाहक भी माने जाते हैं। अग्नि देवता यज्ञों के देवता भी हैं।

Hari Sundar Nand Mukunda Lyrics (हरि सुंदर नंद मुकुंदा)

हरि सुंदर नंद मुकुंदा,
हरि नारायण हरि ॐ

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।