राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई(Ram Naam Sukhdai Bhajan Karo Bhai Yeh Jeevan Do Din Ka)

राम नाम सुखदाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का

राम नाम सुखदाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


ये तन है जंगल की लकड़ी,

ये तन है जंगल की लकड़ी

आग लगे जल जाए,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


राम नाम सुखदाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


ये तन है कागज की पूडिया,

ये तन है कागज की पुडिया

हवा चले उड़ जाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


राम नाम सुखदाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


ये तन है माटी का ढेला,

ये तन है माटी का ढेला

बूँद पड़े गल जाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


राम नाम सुखदाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


ये तन है फूलो का बगीचा,

ये तन है फूलो का बगीचा

धूप पड़े मुरझाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


राम नाम सुखदाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


ये तन है कच्ची है हवेली,

ये तन है कच्ची है हवेली

पल मे टूट जाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


राम नाम सुखदाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


ये तन है सपनो की माया,

ये तन है सपनो की माया

आँख खुले कुछ नाही,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


राम नाम सुखदाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का


राम नाम सुखदाई,

भजन करो भाई

ये जीवन दो दिन का

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माँ सरस्वती! मुझको नवल उत्थान दो (Mujhko Naval Utthan Do, Maa Saraswati Vardan Do)

मुझको नवल उत्थान दो ।
माँ सरस्वती! वरदान दो ॥

मन की मुरादें, पूरी कर माँ(Mann Mi Muraden Poori Kar Maa)

मन की मुरादें, पूरी कर माँ,
दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।

बसंत पंचमी पर गुलाल क्यों चढ़ाते हैं?

हिंदू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी का पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन सरस्वती पूजा की जाती है। इस साल बसंत पंचमी 2 फरवरी को मनाई जाएगी।

गणेश चतुर्थी व्रत कथा

गणेश चतुर्थी को गणपति जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन संपूर्ण विधि-विधान के साथ घर में एक दिन, दो दिन, तीन दिन या फिर 9 दिनों के लिए गणेश जी की स्थापना की जाती है।

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