शरण में आये हैं हम तुम्हारी (Sharan Mein Aaye Hain Hum Tumhari)

शरण में आये हैं हम तुम्हारी,

दया करो हे दयालु भगवन ।

सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी,

दया करो हे दयालु भगवन ।


न हम में बल है,

न हम में शक्ति ।

न हम में साधन,

न हम में भक्ति ।

तुम्हारे दर के हैं हम भिखारी,

दया करो हे दयालु भगवन ।

शरण में आये हैं हम तुम्हारी,

दया करो हे दयालु भगवन ।


प्रदान कर दो महान शक्ति,

भरो हमारे में ज्ञान भक्ति ।

तभी कहाओगे ताप हारी,

दया करो हे दयालु भगवन ।

शरण में आये हैं हम तुम्हारी,

दया करो हे दयालु भगवन ।


जो तुम पिता हो, तो हम हैं बालक ।

जो तुम हो स्वामी, तो हम हैं सेवक ।

जो तुम हो ठाकुर, तो हम पुजारी ।

दया करो हे दयालु भगवन ।

शरण में आये हैं हम तुम्हारी,

दया करो हे दयालु भगवन ।


भले जो हैं हम, तो हैं तुम्हारे ।

बुरे जो हैं हम, तो हैं तुम्हारे ।

तुम्हारे हो कर भी हम दुखारी ।

दया करो हे दयालु भगवन ।

शरण में आये हैं हम तुम्हारी,

दया करो हे दयालु भगवन ।


शरण में आये हैं हम तुम्हारी,

दया करो हे दयालु भगवन ।

सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी,

दया करो हे दयालु भगवन ।

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बेद की औषद खाइ कछु न करै माँ गंगा माहात्म्य (Bed Ki Aushad Khai Kachhu Na karai: Ganga Mahatmy)

बताओ कहाँ मिलेगा श्याम ।
चरण पादुका लेकर सब से पूछ रहे रसखान ॥

कन्हैया ले चल परली पार - भजन (Kanhaiya Le Chal Parli Paar)

कन्हैया ले चल परली पार,
साँवरिया ले चल परली पार,

जय अम्बे जगदम्बे मां (Jai Ambe Jagdambe Maa)

जब जब पापी पाप बढ़ाए,धर्म पे ग्रहण लगाए।
त्रिसूलधारी पाप मिटाने, इस धरती पर आए॥

झूलेलाल जयंती 2025 कब है

चेटीचंड, सिंधी समुदाय के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। यह पर्व चैत्र शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है, जिसे सिंधी नववर्ष की शुरुआत भी माना जाता है।

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