तेरे दर जबसे ओ भोले, आना जाना हो गया(Tere Dar Jab Se O Bhole Aana Jana Ho Gaya)

तेरे दर जबसे ओ भोले,

आना जाना हो गया,

आना जाना हो गया मेरा,

आना जाना हो गया,

मिल गई खुशियां सभी मेरा,

तू खजाना हो गया,

तेरे दर जब से ओ भोलें,

आना जाना हो गया ॥


बनके भवरा मैं था भटका,

फूल खिला ना मन कभी,

थामी जब उंगली ओ भोले,

जग बेगाना हो गया,

तेरे दर जब से ओ भोलें,

आना जाना हो गया ॥


कोई चला ना साथ मेरे,

कहते थे पागल सभी,

तूने रख दिया हाथ सर पे,

मैं सयाना हो गया,

तेरे दर जब से ओ भोलें,

आना जाना हो गया ॥


आँखों में आंसू भरे है,

लब पे फरियाद यही,

तेरे चरणों का ये भोले,

दिल दीवाना हो गया,

तेरे दर जब से ओ भोलें,

आना जाना हो गया ॥


तेरे बिन कोई ना अपना,

ना अर्चू पहचान है,

तेरी चौखट ही ओ भोले,

अब ठिकाना हो गया,

तेरे दर जब से ओ भोलें,

आना जाना हो गया ॥


तेरे दर जबसे ओ भोले,

आना जाना हो गया,

आना जाना हो गया मेरा,

आना जाना हो गया,

मिल गई खुशियां सभी मेरा,

तू खजाना हो गया,

तेरे दर जब से ओ भोलें,

आना जाना हो गया ॥

........................................................................................................
माघ गुप्त नवरात्रि धन प्राप्ति उपाय

माघ गुप्‍त नवरात्र‍ि की शुरुआत 30 जनवरी 2025 से हो रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल 2 बार गुप्त नवरात्र का त्योहार मनाया जाता है।

सूर्यदेव को रथ सप्तमी पर क्या चढ़ाएं

रथ-सप्तमी के दिन सूर्यदेव की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि अगर सूर्यदेव की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ किया जाए तो व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य के साथ मान-सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है।

मेरी विपदा टाल दो आकर (Meri Vipda Taal Do Aakar)

मेरी विपदा टाल दो आकर,
हे जग जननी माता ॥

तुम जो कृपा करो तो, मिट जाये विपदा सारी(Tum Jo Kripa Karo To Mit Jaye Vipda Sari)

तुम जो कृपा करो तो,
मिट जाये विपदा सारी,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने