आओ आ जाओ भोलेनाथ (Aao Aa Jao Bholenath)

आओ आ जाओ भोलेनाथ,

तेरे ख़यालों में खोया रहूं मैं,

तेरे ख़यालों में खोया रहूं मैं,

जागु दिन और रात,

आओ आ जाओं भोलेनाथ,

आओ आ जाओ भोलेनाथ ॥


हे शिव शंकर हे प्रलयंकर,

हे जग के रखवाले,

तेरे बिना मेरी कौन सुनेगा,

तेरे बिना मेरी कौन सुनेगा,

दर्दे दिल की बात,

आओ आ जाओं भोलेनाथ,

आओ आ जाओ भोलेनाथ ॥


मन पंछी बैचेन दरश बिन,

अब तो दरश दिखाओ,

अखियाँ ऐसे बरस रही है,

अखियाँ ऐसे बरस रही है,

सावन की बरसात,

आओ आ जाओं भोलेनाथ,

आओ आ जाओ भोलेनाथ ॥


विष पिए खुद अमृत बांटे,

तुम सम कोई ना दानी,

‘रामा’ दया की भिक्षा मांगे,

‘रामा’ दया की भिक्षा मांगे,

रख दो सिर पर हाथ,

आओ आ जाओं भोलेनाथ,

आओ आ जाओ भोलेनाथ ॥


आओ आ जाओ भोलेनाथ,

तेरे ख़यालों में खोया रहूं मैं,

तेरे ख़यालों में खोया रहूं मैं,

जागु दिन और रात,

आओ आ जाओं भोलेनाथ,

आओ आ जाओ भोलेनाथ ॥

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पकड़ लो बाँह रघुराई, नहीं तो डूब जाएँगे - भजन (Pakadlo Bah Raghurai, Nahi Too Doob Jayenge)

पकड़ लो बाँह रघुराई,
नहीं तो डूब जाएँगे ।

दशहरा-विजयादशमी की पौराणिक कथा

शारदीय नवरात्र के बाद 10वें दिन दशहरे का त्योहार देश भर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को माता दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था और भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था।

हे गणनायक जय सुखदायक (Hey Gananayak Jai Sukhdayak)

हे गणनायक जय सुखदायक,
जय गणपति गणराज रे,

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