अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार (Ab Saump Diya Is Jeevan Ka, Sab Bhar)

अब सौंप दिया इस जीवन का,

सब भार तुम्हारे हाथों में,

है जीत तुम्हारे हाथों में,

और हार तुम्हारे हाथों में ॥


मेरा निश्चय है बस एक यही,

एक बार तुम्हे पा जाऊं मैं,

अर्पण करदूँ दुनिया भर का,

सब प्यार तुम्हारे हाथों में ॥


जो जग में रहूँ तो ऐसे रहूँ,

जैसे जल में कमल का फूल रहे,

मेरे सब गुण दोष समर्पित हों,

करतार तुम्हारे हाथों में ॥


यदि मानव का मुझे जन्म मिले,

तो तेरे चरणों का पुजारी बनूँ,

इस पूजा की एक एक रग का,

हो तार तुम्हारे हाथों में ॥


जब जब संसार का कैदी बनू,

निष्काम भाव से कऱम करूँ,

फिर अंत समय में प्राण तजूं,

निराकार तुम्हारे हाथों में ॥


मुझ में तुझ में बस भेद यही,

मैं नर हूँ तुम नारायण हो,

मैं हूँ संसार के हाथों में,

संसार तुम्हारे हाथों में ॥


अब सौंप दिया इस जीवन का,

सब भार तुम्हारे हाथों में,

है जीत तुम्हारे हाथों में,

और हार तुम्हारे हाथों में ॥

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श्री गायत्री चालीसा (Sri Gayatri Chalisa)

हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड ।
शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड ॥

झंडा बजरंग बली का (Jhanda Bajrangbali Ka)

लहर लहर लहराए रे,
झंडा बजरंग बली का,

चैत्र नवरात्रि कथा

चैत्र नवरात्रि हिंदू नव वर्ष के साथ आती है और इसे विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। पंचांग के अनुसार, 2025 में चैत्र नवरात्र 30 मार्च से शुरू होकर 7 अप्रैल तक चलेगी।

है पावन शिव का धाम हरिद्वार (Hai Pawan Shiv Ka Dham Haridwar)

कल कल कल जहाँ निर्मल बहती,
माँ गंगा की धार,

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