बजरंग बाला बड़ा हो मतवाला (Bajrang Bala Bada Ho Matwala)

बजरंग बाला बड़ा हो मतवाला,

म्हे फेरा थारी माला,

लागो हो मनभावना,

आवो आवो नी,

बालाजी म्हारे आंगणा ॥


सालासर सु दास पधारो,

पूनरासर सु वीर जी,

मेहंदीपुर से घाटे वाला,

खेतोंलाव कपि धीर जी,

बेगा आओ संग में लावो,

सियाराम की जोड़ी,

धोक लगावा,

थारो पाट थरपावा,

चरणों में शीश नवावा,

लागो हो मनभावना,

आवो आवो नी,

बालाजी म्हारे आंगणा ॥


गंगाजल रो कलश भरियो है,

आप पियौ म्हारा बालाजी,

तेल थारे चमेली रो लायो,

आप लगाओ म्हारा बालाजी,

लाल लंगोटा हाथ में घोटा,

रूप बनाज्यो छोटा,

भगत गावे महिमा सुनावे,

चरणों में शीश झुकावे,

लागो हो मनभावना,

आवो आवो नी,

बालाजी म्हारे आंगणा ॥


खीर चूरमा रो भोग बनायो,

थे जिमो म्हारा बालाजी,

पानी नये कुए रो मंगायों,

आप पियो म्हारा बालाजी,

प्रेम पुजारी बाबे म्हारी,

किस्मत ने सवारी,

महिमा गांवा घणा सुख पावा,

चरणों में शीश नवावा,

लागो हो मनभावना,

आवो आवो नी,

बालाजी म्हारे आंगणा ॥


बजरंग बाला बड़ा हो मतवाला,

म्हे फेरा थारी माला,

लागो हो मनभावना,

आवो आवो नी,

बालाजी म्हारे आंगणा ॥

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भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि

संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे संकटों को दूर करने और सफलता प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी 2025 विशेष रूप से चैत्र मास में मनाई जाती है और इस दिन गणपति बप्पा की विधिपूर्वक पूजा की जाती है।

ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी (Brahman Swarastra Mein Hon)

वैदिक काल से राष्ट्र या देश के लिए गाई जाने वाली राष्ट्रोत्थान प्रार्थना है। इस काव्य को वैदिक राष्ट्रगान भी कहा जा सकता है। आज भी यह प्रार्थना भारत के विभिन्न गुरुकुलों व स्कूल मे गाई जाती है।

मशीनरी स्थापना की पूजा विधि

किसी भी व्यापारी के जीवन में मशीनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनका पूरा व्यवसाय और रोजगार मशीनों पर निर्भर करता है। इसलिए इन मशीनों का विशेष ध्यान रखना उसकी जिम्मेदारी बन जाती है। यही कारण है कि भारत में विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में मशीनरी पूजा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

खबर मेरी ले लेना, उज्जैन के महाकाल(Khabar Meri Le Lena Ujjain Ke Mahakal)

खबर मेरी ले लेना,
उज्जैन के महाकाल ॥

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