बालाजी के चरणों में ये काम कर दिया (Balaji Ke Charno Mein Ye Kaam Kar Diya)

बालाजी के चरणों में ये काम कर दिया,

एक दिल था वो भी इनके नाम कर दिया ॥


कबसे थी तलाश मुझे इनके प्यार की,

आज घडी मिट गई है इंतज़ार की,

इनका नाम लेना सुबह शाम कर दिया,

मैंने इनका नाम लेना सुबह शाम कर दिया,

एक दिल था वो भी इनके नाम कर दिया ॥


तुम मेरे रहो ये मेरी आरज़ू रहे,

पूजता तुम्हे ही रहूं जुस्तुजू रहे,

मन को मैंने अपना गुलाम कर दिया,

एक दिल था वो भी इनके नाम कर दिया ॥


मेरे मुस्कुराने की वजह तुम तो हो,

मेरे दिल के हर आईने में तुम तो हो,

अब तो इस जुबां पे राम राम कर दिया,

मैंने अब तो इस जुबां पे राम राम कर दिया,

एक दिल था वो भी इनके नाम कर दिया ॥

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शिवजी को काल भैरव क्यों कहते हैं

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में क्षिप्रा नदी के तट पर भगवान शिव महाकाल के रूप में विराजमान हैं। बारह ज्योतिर्लिंगों में यह तीसरे स्थान पर आता है। उज्जैन में स्थित यह ज्योतिर्लिंग देश का एकमात्र शिवलिंग है जो दक्षिणमुखी है। मंदिर से कई प्राचीन परंपराएं जुड़ी हुई हैं।

बजरंगबली मेरी नाव चली (Bajarangabali Meri Nav Chali)

बजरंगबली मेरी नाव चली,
करुना कर पार लगा देना ।

आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में (Aayi Mahadevi Avtar, Bhawani More Angna Main)

आयी महादेवी अवतार,
भवानी मोरे अंगना में ॥

जगदम्बा के दीवानो को, दरश चाहिए (Jagdamba Ke Deewano Ko Daras Chahiye)

जगदम्बा के दीवानो को,
दरश चाहिए, दरश चाहिए,

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