बसाले मन मंदिर में राम (Basale Maan Mandir Me Ram)

बसाले मन मंदिर में राम,

बनेंगे बिगड़े तेरे काम,

बसालें मन मंदिर में राम,

बसालें मन मंदिर में राम ॥


कौड़ी कौड़ी माया जोड़ी,

क्या आएगी काम,

तेरा मेरा करते करते,

तेरा मेरा करते करते,

निकल जाएंगे प्राण,

बसालें मन मंदिर में राम ॥


जिस पर होती कृपा गुरु की,

मिलता उसको ज्ञान,

जो चलता है गुरु वचनों पर,

जो चलता है गुरु वचनों पर,

मिले उसे भगवान,

बसालें मन मंदिर में राम ॥


राम नाम जीवन का सहारा,

राम बिना सुना जग सारा,

राम बिना सुना तन मन धन,

राम बिना सुना तन मन धन,

सुना तेरा ध्यान,

बसालें मन मंदिर में राम ॥


नाते तेरे सब झूठें है,

कोई ना आए काम,

साथ में तेरे कोई चले ना,

साथ में तेरे कोई चले ना,

संग चले हरी नाम,

बसालें मन मंदिर में राम ॥


बसाले मन मंदिर में राम,

बनेंगे बिगड़े तेरे काम,

बसालें मन मंदिर में राम,

बसालें मन मंदिर में राम ॥

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सोमवती अमावस्या व्रत कथा

अमावस्या का हिंदू धर्म में खास महत्व होता है। सोमवार को पड़ने की वजह से इस अमावस्या को सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दौरान पितरों की पूजा होती है। दिसंबर माह में सोमवती अमावस्या सोमवार, 30 दिसंबर 2024 को है।

संकट हरनी मंगल करनी, कर दो बेडा पार(Sankat Harni Mangal Karni Kardo Beda Paar)

संकट हरनी मंगल करनी,
कर दो बेडा पार,

ओ मैया मैं तुम्हारा, लगता नहीं कोई (O Maiya Main Tumhara Lagta Nahi Koi)

ओ मैया मैं तुम्हारा,
लगता नहीं कोई,

कब है रुक्मिणी अष्टमी?

हिंदू धर्म में पौष मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रुक्मिणी अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व भगवान श्री कृष्ण की पत्नी देवी रुक्मिणी को समर्पित है, जिन्हें माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, रुक्मिणी अष्टमी पर ही द्वापर युग में विदर्भ के महाराज भीष्मक के यहां देवी रुक्मिणी जन्मी थीं।

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