भगवान बुद्ध वन्दना (Bhagwan Buddha Vandana)

बुद्ध वन्दना

नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स ।

नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स ।

नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स ।


त्रिशरण

बुद्धं शरणं गच्छामि ।

धर्मं शरणं गच्छामि ।

संघं शरणं गच्छामि ।


दुतियम्पि बुद्धं सरणं गच्छामि ।

दुतियम्पि धम्म सरणं गच्छामि ।

दुतियम्पि संघ सरणं गच्छामि ।

ततियम्पि बुद्धं सरणं गच्छामि ।

ततियम्पि धम्म सरणं गच्छामि ।

ततियम्पि संघ सरणं गच्छामि ।


पंचशील

1. पाणतिपाता वेरमणी सिक्खापदं समादियामि ।

2. अदिन्नादाना वेरमणी सिक्खापदं समादियामि ।

3. कामेसु मिच्छाचारा वेरमणी सिक्खापदं समादियामि ।

4. मुसावादा वेरमणी सिक्खापदं समादियामि ।

5. सुरा-मेरय-मज्ज-पमादट्ठानावेरमणी सिक्खापदं समादियामि ।

॥ भवतु सर्व मंगलं ॥


साधू साधू साधू॥

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हम सब मिलके आये, दाता तेरे दरबार (Hum Sab Milke Aaye Data Tere Darbar)

हम सब मिलके आये,
दाता तेरे दरबार

नरसिंह द्वादशी क्यों मनाई जाती है

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन नरसिंह द्वादशी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन विष्णु जी के अवतार भगवान नरसिंह की पूजा की परंपरा है।

झण्डा ऊँचा रहे हमारा (Jhanda Uncha Rahe Hamara)

झण्डा ऊँचा रहे हमारा
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा

मईया ये जीवन हमारा, आपके चरणों में है(Maiya Ye Jeevan Hamara Aapke charno Me Hai)

मईया ये जीवन हमारा,
आपके चरणों में है,

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