Chali Ja Rahi Hai Umar Dheere Dheere Lyrics (चली जा रही है उमर धीरे धीरे)

चली जा रही है उमर धीरे धीरे,

पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे,

चली जा रही हैं उमर धीरे धीरे,

जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे,

मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥


बचपन भी जाए जवानी भी जाए,

बुढ़ापे का होगा असर धीरे धीरे,

मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥

चली जा रही है उमर धीरे धीरे,

पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥


तेरे हाथ पावों में बल ना रहेगा,

झुकेगी तुम्हारी कमर धीरे धीरे,

मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥

चली जा रही है उमर धीरे धीरे,

पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥


शिथिल अंग होंगे एक दिन तुम्हारे,

फिर मंद होगी नज़र धीरे धीरे,

मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥

चली जा रही है उमर धीरे धीरे,

पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥


बुराई से मन को अपने हटाले,

सुधर जाए तेरा जीवन धीरे धीरे,

मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥

चली जा रही है उमर धीरे धीरे,

पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥


चली जा रही है उमर धीरे धीरे,

पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे,

चली जा रही हैं उमर धीरे धीरे,

जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे,

मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥

........................................................................................................
दिखा दे थारी सुरतियाँ(Dikha de Thari Suratiya)

श्याम सलोनो प्यारो म्हारो, मैं लुल लुल जावा
मन को मोर्यो नाचन लाग्यो झूम झूम गावा ,

इतनी किरपा सांवरे बनाये रखना(Itni Kirpa Sanware Banaye Rakhna)

इतनी किरपा सांवरे बनाये रखना
मरते दम तक सेवा में लगाये रखना,

भगवान मेरी नैया, उस पार लगा देना(Bhagwan Meri Naiya Us Par Gaga Dena)

भगवान मेरी नैया,
उस पार लगा देना,

जनवरी में कब पड़ेगी स्कंद षष्ठी

स्कंद षष्ठी हर महीने शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव के बड़े पुत्र भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।