चलो मन गंगा जमुना तीर (Chalo Man Ganga Yamuna Teer)

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

गंगा जमुना निर्मल पानी,

गंगा जमुना निर्मल पानी,

गंगा जमुना निर्मल पानी,

शीतल होत शरीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,


बंसी बजावत नाचत कान्हा,

संग लिये बलबीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,


मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,

कुण्डल झलकत हीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,


मीरा के प्रभु गिरिधर नागर,

चरण कमल पर शीश,

चलो मन गंगा जमुना तीर,


चलो मन गंगा-जमुना तीर,

गंगा जमना निरमल पाणी

शीतल होत शरीर,


चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

गंगा जमुना निर्मल पानी,

गंगा जमुना निर्मल पानी,

गंगा जमुना निर्मल पानी,

शीतल होत शरीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

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गोवर्धन पूजन कथा (Govardhan Pujan Katha)

द्वापर युग की बात हैं भगवान कृष्ण के अवतार के समय भगवान ने गोवर्धन पर्वत का उद्धार और इंद्र के अभिमान का नाश भी किया था।

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तुम्हे हर घडी माँ प्यार करेगी,
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