चलो मन गंगा जमुना तीर (Chalo Man Ganga Yamuna Teer)

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

गंगा जमुना निर्मल पानी,

गंगा जमुना निर्मल पानी,

गंगा जमुना निर्मल पानी,

शीतल होत शरीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,


बंसी बजावत नाचत कान्हा,

संग लिये बलबीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,


मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,

कुण्डल झलकत हीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,


मीरा के प्रभु गिरिधर नागर,

चरण कमल पर शीश,

चलो मन गंगा जमुना तीर,


चलो मन गंगा-जमुना तीर,

गंगा जमना निरमल पाणी

शीतल होत शरीर,


चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

गंगा जमुना निर्मल पानी,

गंगा जमुना निर्मल पानी,

गंगा जमुना निर्मल पानी,

शीतल होत शरीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

चलो मन गंगा जमुना तीर,

........................................................................................................
शनि प्रदोष व्रत उपाय

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान शिव और शनिदेव के आराधना के लिए समर्पित होता है। शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आने वाले इस व्रत में शिवलिंग की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

प्रथम गणराज को सुमिरूं, जो रिद्धि सिद्धि दाता है (Pratham Ganraj Ko Sumiru Jo Riddhi Siddhi Data Hai)

जो रिद्धि सिद्धि दाता है,
प्रथम गणराज को सुमिरूँ,

तेरे चरण कमल में श्याम(Tere Charan Kamal Mein Shyam)

तेरे चरण कमल में श्याम,
लिपट जाऊ राज बनके ।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने