तेरे चरण कमल में श्याम(Tere Charan Kamal Mein Shyam)

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ।

लिपट जाऊ राज बनके,

लिपट जाऊ राज बनके ।

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ॥


नित नित तेरा दर्शन पाऊ,

हर्ष हर्ष के हरी गुण गाऊ ,

मेरी नस नस बस जाऊ श्याम ,

बरस जाओ रस बनके,


तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ।

लिपट जाऊ राज बनके,

लिपट जाऊ राज बनके ।

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ॥


छिन छिन* तेरा सुमरण हॉवे,

हर पल तुज्पे अरपन हॉवे,

हरी सब दिन आठो याम,

रुके मन के मनके,


तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ।

लिपट जाऊ राज बनके,

लिपट जाऊ राज बनके ।

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ॥

........................................................................................................
मन की तरंग मार लो(Man Ki Tarang Mar Lo Bas Ho Gaya Bhajan)

मन की तरंग मार लो, बस हो गया भजन।
आदत बुरी संवार लो, बस हो गया भजन॥

राम ना मिलेगे हनुमान के बिना (Ram Na Milege Hanuman Ke Bina)

पार ना लगोगे श्री राम के बिना,
राम ना मिलेगे हनुमान के बिना।

श्री महाकाल ऐसा वरदान दो (Shri Mahakal Aisa Vardan Do)

श्री महाकाल ऐसा वरदान दो,
गुणगान तुम्हारा सुनाता रहूं,

श्याम के बिना तुम आधी - भजन (Shyam Ke Bina Tum Aadhi)

श्याम के बिना तुम आधी,
तुम्हारे बिना श्याम आधे,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने