मन की तरंग मार लो(Man Ki Tarang Mar Lo Bas Ho Gaya Bhajan)

मन की तरंग मार लो, बस हो गया भजन।

आदत बुरी संवार लो, बस हो गया भजन॥


आये हो तुम कहाँ से, जाओगे तुम कहाँ।

इतना ही विचार लो, बस हो गया भजन॥


कोई तुम्हे बुरा कहे, तुम सुन कर क्षमा करो।

वाणी का स्वर संभाल लो, बस हो गया भजन॥


नेकी सभी के साथ में बन जाए तो करो।

मत सर बंदी का हर लो, बस हो गया भजन॥


नजरो में तेरी दोष है, दुनिया निहारते।

समता का अंजन ढाल लो, बस हो गया भजन॥


यह महल माडिया ना तेरे साथ जायेगी।

सतगुरु की महिमा जान लो, बस हो गया भजन॥


अनमोल ब्रह्मानंद जो चाहिए सदा।

घट घट में राम निहार लो, बस हो गया भजन॥


मन की तरंग मार लो, बस हो गया भजन।

आदत बुरी संवार लो, बस हो गया भजन॥

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राम नवमी पौराणिक कथा

हिन्दू धर्म का रामायण और रामचरितमानस दो प्रमुख ग्रंथ है। आपको बता दें कि आदिकवि वाल्मीकि जी ने रामायण की रचना की है तो वहीं तुलसीदास जी ने रामचरितमानस की रचना की है।

रंग पंचमी के उपाय

रंग पंचमी हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है और इसे होली के पांचवें दिन मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता पृथ्वी पर आकर भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।

श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है (Shri Radhe Govinda Man Bhaj Le Hari Ka Pyara Naam Hai)

श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है ।
गोपाला हरी का प्यारा नाम है, नंदलाला हरी का प्यारा नाम है ॥

चंदन है इस देश की माटी (Chandan Hai Is Desh Ki Mati)

चंदन है इस देश की माटी,
तपोभूमि हर ग्राम है ।

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