एक नजर कृपा की कर दो, लाडली श्री राधे(Ek Nazar Kripa Ki Kar Do Ladli Shri Radhe)

एक नजर कृपा की कर दो,

लाडली श्री राधे ।

एक नजर कृपा की कर दो,

लाडली श्री राधे ।


श्री राधे, श्री राधे

श्री राधे, श्री राधे

श्री राधे, श्री राधे


दासी की झोली भरदो,

लाडली श्री राधे ।

एक नजर कृपा की कर दो,

लाडली श्री राधे ।


माना की मैं पतित बहुत हूँ,

माना की मैं पतित बहुत हूँ,

तेरो पतित पावन है नाम,

लाडली श्री राधे ।

एक नजर कृपा की कर दो,

लाडली श्री राधे ।


जो तुम मेरे अवगुण देखो,

जो तुम मेरे अवगुण देखो,

मत रखना कोई हिसाब,

लाडली श्री राधे ।

एक नजर कृपा की कर दो,

लाडली श्री राधे ।


चंद्रा सखी भज बल कृष्णा छवि,

चंद्रा सखी भज बल कृष्णा छवि,

तेरे चरणों में जाऊ बलिहार,

लाडली श्री राधे ।

एक नजर कृपा की कर दो,

लाडली श्री राधे ।


श्री राधे, श्री राधे

श्री राधे, श्री राधे

श्री राधे, श्री राधे


एक नजर कृपा की कर दो,

लाडली श्री राधे ।

एक नजर कृपा की कर दो,

लाडली श्री राधे ।

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रंग बरसे लाल गुलाल, हो गुलाल(Rang Barse Laal Gulal Ho Gulal)

रंग बरसे लाल गुलाल,
हो गुलाल,

सच्चा है माँ का दरबार, मैय्या का जवाब नहीं (Saccha Hai Maa Ka Darbar, Maiya Ka Jawab Nahi)

दरबार हजारो देखे है,
पर माँ के दर सा कोई,

मसान होली की पौराणिक कथा

मसान होली दो दिवसीय त्योहार माना जाता है। मसान होली चिता की राख और गुलाल से खेली जाती है। काशी के मणिकर्णिका घाट पर साधु-संत इकट्ठा होकर शिव भजन गाते हैं और नाच-गाकर जीवन-मरण का जश्न मनाते हैं और साथ ही श्मशान की राख को एक-दूसरे पर मलते हैं और हवा में उड़ाते हैं। इस दौरान पूरी काशी शिवमय हो जाती है और हर तरफ हर-हर महादेव का नाद सुनाई देता है।

श्याम ने रंगस्या जी: भजन (Shyam Ne Rangsya Ji)

मेलो फागण को खाटू में चालो,
श्याम ने रंगस्या जी,

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